नयी दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सख्त और निर्णायक सैन्य प्रतिक्रिया को गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक भव्य झांकी प्रदर्शित की जाएगी, जो भारतीय सशस्त्र बलों की संयुक्त शक्ति, तकनीकी श्रेष्ठता और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाएगी। यह झांकी ‘संयुक्तता से विजय’ के नारे के साथ सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच बेहतरीन समन्वय को उजागर करेगी।
एएनआई से बातचीत में वायु सेना प्रमुख मनीष सभरवाल ने बताया कि झांकी के डिजाइन में भारत और पाकिस्तान के बीच एक स्पष्ट सीमा रेखा दर्शाई गई है। झांकी के पश्चिमी हिस्से में पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को दिखाया गया है, जबकि भारतीय हिस्से में सैन्य ताकत और रणनीतिक जवाब को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन की पहली ही रात नौ आतंकी शिविरों को नष्ट किया गया था, जिनमें से सात को भारतीय सेना और दो को वायु सेना ने संयुक्त अभियान में तबाह किया।
झांकी में इस अभियान के दौरान इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियारों और प्लेटफॉर्म्स को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें हॉवित्जर तोप, कामिकेज़ ड्रोन, HAROP लोइटरिंग मुनिशन, राफेल विमान से दागी गई SCALP मिसाइलें और SU-30 MKI से छोड़ी गई ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल हैं। ये सभी भारत की सटीक, तेज और गहराई तक वार करने की क्षमता का प्रतीक हैं।
झांकी का चरम बिंदु भारत के एकीकृत वायु रक्षा तंत्र को दर्शाता है, जहां S-400 प्रणाली 350 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन के हवाई पूर्व चेतावनी प्लेटफॉर्म को निष्क्रिय करती दिखाई जाएगी। यह दृश्य भारत के नए राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत को स्पष्ट करता है—पहले पहचान, पहले निर्णय और निर्णायक विनाश। ऑपरेशन सिंदूर की यह झांकी न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग संकल्प का भी सशक्त संदेश देगी।







