पटना। बिहार का चर्चित NEET छात्रा की दुष्कर्म और मौत की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई कई। मौत के 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। लेकिन इसी बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। NEET स्टूडेंट के रेप-मौत मामले में SIT ने 7 दिन बाद अपनी रिपोर्ट DGP को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल और मेदांता के डॉक्टर्स, परिजन, छात्राएं, ऑटो चालक, स्कॉर्पियो ड्राइवर, पड़ोसी, मुखिया और हॉस्टल के कर्मियों के बयान शामिल हैं। डिजिटल और टेक्निकल एविडेंस भी सौंपे गए हैं। पटना जंक्शन से हॉस्टल पहुंचने तक के सीसीटीवी फुटेज और हॉस्टल के अंदर के सीसीटीवी फुटेज के अलावा AIIMS में अपने पक्ष को रखते हुए SIT ने छात्रा से जुड़े सारे मेडिकल डॉक्यूमेंट्स, डॉक्टर्स ओपिनियन के साथ सब्मिट किए हैं। इसमें मेदांता और प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के गाइनीकोलॉजिस्ट महिला डॉक्टर्स के भी बयान हैं।SIT ने जांच के दौरान जहानाबाद में छात्रा के घर से लेकर रेलवे स्टेशन तक लगे करीब 40 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। इन फुटेज के आधार पर छात्रा की गतिविधियां अलग-अलग समय पर कैद हुई हैं। इन सभी पॉइंट्स को SIT ने पुलिस मुख्यालय को सौंप दिया है। सूत्रों की माने तो 27 दिसंबर को छात्रा ने अचानक माता-पिता के साथ घर जाने का प्लान बनाया और हॉस्टल से निकल गई। जिस दिन वो घर पहुंची उसका भाई घर छोड़कर दूसरी जगह चला गया। जब तक छात्रा अपने घर पर रही, उसका भाई गायब रहा। जैसे ही बहन 5 जनवरी के लिए पटना के निकली वो घर आ गया।
अब आपको सिलसिलेवार इस मामले की जानकारी देते है
इस केस की शुरुआत 6 जनवरी से होती है। उसी दिन NEET छात्रा चित्रगुप्त नगर के शंभु गर्ल्स में बेहोशी की हालत में मिली थी। एक दिन पहले ही वो 5 जनवरी को अपने घर जहानाबाद से पटना आई थी। बेहोशी की हालत में पहले उसे कंकड़बाग के सहज अस्पताल ले जाया गया। बाद में प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उसे मेदांता में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में घटनास्थल, एफएसएल, सीसीटीवी कैमरे का फुटेज, संचालक, वार्डन और डॉक्टर के बयान के आधार पर यौन हिंसा से इनकार किया था। पुलिस के मुताबिक यूरिन टेस्ट में नींद की दवा खाने के सबूत मिले थे। साथ ही NEET छात्रा के मोबाइल के गूगल सर्च हिस्ट्री में 24 दिसंबर 2025 और 5 जनवरी को सुसाइड और नींद की दवा के संबंध में सर्च किया था। इसलिए पुलिस इसे सुसाइड मान रही थी। लेकिन PMCH की रिपोर्ट ने इस मामले में सनसनी फैला दी। पुलिस के प्रारंभिक दावों को झूठा करार दिया। PMCH से जो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई उसने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिया। रिपोर्ट में यह कहा गया कि, यौन हिंसा की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर जख्म, बल प्रयोग, जबरन संबंध बनाए जाने के साक्ष्य मिले। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद लड़की के पिता ने चित्रगुप्त नगर थाने में FIR कराई। मीडिया में पुलिस और सरकार की फजीहत होने के बात सरकार ने SIT गठन कर कर जांच का आदेश दिया। 16 जनवरी को पटना पुलिस ने SIT गठन गया। SIT ने शंभू गर्ल्स होस्टल, सहज अस्पताल और प्रभात हॉस्पिटल के डॉक्टरों से पूछताछ की। टीम लड़की के जहानाबाद गांव में भी गई। वहां भी उसने अपने स्तर से जांच की और सबूत जुटाई। ऐसा माना जा रहा है कि, FSL रिपोर्ट और एम्स की रिव्यू रिपोर्ट आने के बाद पुलिस इस केस का खुलासा कर सकती है। हल्की SIT टिम ने कई पहले से जांच करना शुरू किया। सबसे पहले पुलिस ने 5 जनवरी को जहानाबाद से पटना के बीच छात्रा की शारीरिक और मानसिक स्थिति की जानकारी ली। इसमें जो जानकारी सामने आई उसमें छात्रा ने दोपहर 1 बजे जहानाबाद से ट्रेन पकड़ी और करीब 3 बजे पटना जंक्शन पर देखी गई। 3:35 बजे वह शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची और पिता को फोन कर बताया कि वह ठीक है। उसके बाद पुलिस ने पटना पहुंची छात्रा की मूवमेंट की जानकारी ली, पुलिस यह पता लगाने में जुट गई कि हॉस्टल पहुंचने के बाद वह बाहर गई थी या किसी से मिली थी कि नहीं।
बताया जाता है कि 3:35 मिनट पर वह हॉस्टल पहुंची थी और उसी दिन शाम को ही उसे मेडिकल दुकान ले जाया गया। यानी चार से पांच घंटे का एक ऐसा गैप जिसमे सबसे बड़ी घटना घटित हुई। पुलिस यह भी जांच करने में जुटी है कि छात्रा को मेडिकल दुकान तक कौन लेकर गया और क्यों उसे सीधे अस्पताल क्यों नहीं के जाया गया। पुलिस इस मामले पर भी जांच कर रही है कि अगर छात्रा हॉस्टल पहुंचते वक्त पूरी तरह सामान्य थी, तो अपराध हॉस्टल परिसर के भीतर ही हुआ है। उसमें भी यह जांचा जा रहा है कि घटना उसके कमरे में हुई या हॉस्टल के किसी अन्य रूम में। सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डॉक्टरों की शुरुआती MLC में चोट और खरोंच के निशान दर्ज किए गए थे। जानकी प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में 6 जनवरी को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने यह जानकारी अस्पताल प्रबंधन, पुलिस और परिजनों को दी थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हॉस्टल के किस हिस्से में, किस कमरे और किन लोगों की मौजूदगी में यह सब हुआ। तीन दरवाजों वाले हॉस्टल में पीछे के गेट और लिंक रोड कनेक्शन को खास तौर पर जांच के दायरे में लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस केस में एक चौथी और बहुत ही संवेदनशील थ्योरी भी सामने आ रही है। छात्रा अपने मोबाइल से एक खास नंबर पर बार-बार बात कर रही थी। यह नंबर किसी अनजान व्यक्ति का नहीं, बल्कि उसके करीबी सर्कल से जुड़े शख्स का बताया जा रहा है।
यह कॉल पैटर्न 5 जनवरी को छात्रा के पटना पहुंचने से पहले और बाद दोनों समय में एक्टिव दिखा है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह सिर्फ सामान्य बातचीत थी या किसी तरह का मानसिक दबाव, या फिर किसी से मुलाकात इसमें जुड़ी हुई है। पुलिस यह भी देख रही है कि जहानाबाद में भी छात्रा कब और किससे मिली थी। कुल मिलाकर अभी तक पुलिस कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। हालांकि SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट DGP को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में क्या है अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। फिलहाल हर जांच में फूंक फूंक कर कदम बढ़ा रही है। फिलहाल AIIMS के रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।







