नयी दिल्ली: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी ज़ोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी ‘इटरनल’ में शीर्ष स्तर पर बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। कंपनी के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने ‘इटरनल’ के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह बदलाव 1 फरवरी से प्रभावी होगा। अब ब्लिंकिट के संस्थापक अलबिंदर ढींडसा कंपनी के ग्रुप सीईओ के रूप में कार्यभार संभालेंगे और इटरनल के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगे।
इस्तीफे के पीछे की वजह बताते हुए दीपेंद्र गोयल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि उनका झुकाव अब नए और उच्च जोखिम वाले विचारों व प्रयोगों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रयोग पब्लिक कंपनी के दायरे से बाहर रहकर बेहतर तरीके से किए जा सकते हैं। गोयल के मुताबिक, यह निर्णय किसी मतभेद या दबाव का नतीजा नहीं, बल्कि उनके व्यक्तिगत रुझान और दीर्घकालिक सोच से जुड़ा हुआ है।
गोयल ने अपने उत्तराधिकारी अलबिंदर ढींडसा की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लेकर उसे ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में ढींडसा की भूमिका निर्णायक रही है। अब वही कंपनी के निष्पादन, परिचालन प्राथमिकताओं और रणनीतिक फैसलों का नेतृत्व करेंगे। इस बदलाव के साथ गोयल के सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शंस कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन पूल में वापस चले जाएंगे।
सीईओ पद छोड़ने के बाद दीपेंद्र गोयल अपना फोकस निजी रिसर्च और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर करेंगे। उन्होंने हाल के समय में एयरोस्पेस, हेल्थ और न्यूरो-टेक जैसे क्षेत्रों में निवेश किया है। गौरतलब है कि गोयल ने 2008 में पंकज चड्ढा के साथ ज़ोमैटो की स्थापना की थी, जो आज देश की सबसे बड़ी टेक-ड्रिवन फूड और कॉमर्स कंपनियों में शामिल है। यह नेतृत्व परिवर्तन इटरनल के अगले विकास चरण के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।







