नयी दिल्ली: दिल्ली में आयोजित 22वें सुब्रतो मुखर्जी सेमिनार में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आधुनिक युद्ध में वायु शक्ति की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। सेंटर फॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज (CAPSS) के मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में संघर्ष क्षेत्रों, आतंकवाद विरोधी अभियानों और रणनीतिक सैन्य कार्रवाइयों में वायु शक्ति सबसे प्रभावी हथियार साबित हुई है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि यदि भारत को एक मजबूत और सक्षम सैन्य शक्ति बनना है, तो वायु शक्ति पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे संघर्ष क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित निकालना हो, आतंकवादी ठिकानों और उनके आकाओं को नेस्तनाबूद करना हो या फिर कुछ ही घंटों में पाकिस्तान के भीतर स्थित ठिकानों पर सटीक हमले कर उसे घुटने टेकने पर मजबूर करना हो—इन सभी अभियानों में भारतीय वायु सेना ने निर्णायक भूमिका निभाई है।
उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि यह अभियान सैन्य सटीकता और रणनीतिक दृढ़ता का बेहतरीन उदाहरण है। 7 मई 2025 को शुरू हुए इस ऑपरेशन का उद्देश्य पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान नियंत्रित इलाकों में मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करना था। इस अभियान में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के 12 से 13 लड़ाकू विमानों को मार गिराया, जिनमें एफ-16, जेएफ-17 और जासूसी विमान शामिल थे।
वायु सेना प्रमुख ने बताया कि भारत द्वारा हाल ही में शामिल की गई लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों, विशेष रूप से एस-400 ‘सुदर्शन चक्र’, ने पाकिस्तान की वायु गतिविधियों को गंभीर रूप से सीमित कर दिया। 300 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सटीक मार करने वाली इन मिसाइलों ने पाकिस्तान को अपने ही क्षेत्र में प्रभावी संचालन से रोक दिया।
एपी सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय वायु सेना की तकनीकी क्षमता, रणनीतिक सोच और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का प्रमाण है, जिसने दुश्मन को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ की कीमत भारी पड़ेगी।







