उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की नैतिक गिरावट और शेयर बाजार की लगातार गिरावट में प्रतिद्वंद्विता चल रही है। उन्होंने कहा कि दोनों ही क्षेत्रों में तेजी से गिरावट आ रही है, और इसका सीधा असर देशवासियों और निवेशकों पर पड़ रहा है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “भाजपा में नैतिकता की गिरावट व शेयर बाजार में गिरावट के बीच मुकाबला चल रहा है, दोनों ही बेतहाशा गिर रहे हैं। इन दोनों ही हालातों में नुकसान देशवासियों का ही है।”
उन्होंने आगे कहा कि पहले जनता का भरोसा भाजपा से उठ गया था, अब निवेशकों का भरोसा भी धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। उनके अनुसार, सरकार की नीतियों और बाजार में स्थिरता बनाए रखने में विफलता के कारण घरेलू निवेशकों के लिए हालात कठिन हो गए हैं।
वास्तव में, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी इसी गिरावट से प्रभावित हुआ और महत्वपूर्ण स्तरों के नीचे आ गया। इस गिरावट के कारण निवेशकों के लगभग 9.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे निवेशक भारी झटका महसूस कर रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते आर्थिक और भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू नीतिगत अस्थिरता के कारण बाजार पर दबाव बना है। अखिलेश यादव ने इस मौके पर यह भी जोर दिया कि सरकार को बाजार और आम जनता दोनों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए। उनका यह बयान न केवल शेयर बाजार की गिरावट पर प्रतिक्रिया है, बल्कि भाजपा पर राजनीतिक हमला भी माना जा रहा है।
इस प्रकार, अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ दल की नैतिक गिरावट और आर्थिक अस्थिरता को जोड़कर आरोपों का एक मजबूत राजनीतिक संदेश दिया, जो निवेशकों और आम जनता दोनों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।







