नयी दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में 21 जनवरी 2026 को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। साल 2025 में इनकी जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद नए साल में भी गोल्ड और सिल्वर निवेशकों के लिए आकर्षक बने हुए हैं। जिन लोगों ने पिछले साल सोना और चांदी में निवेश किया था, उन्हें अब अच्छा-खासा मुनाफा मिल चुका है। इस तेजी के बावजूद आम उपभोक्ता और सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि महंगे भाव गहनों की खरीद को प्रभावित कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर ग्रीनलैंड से जुड़े मुद्दे, अहम भूमिका निभा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार देर रात कॉमेक्स पर सोना 4,748.30 डॉलर प्रति औंस और चांदी 94.160 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। बुधवार को इसमें मजबूती आई और सोना बढ़कर 4,787.40 डॉलर प्रति औंस जबकि चांदी 94.890 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
घरेलू बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 21 जनवरी को सोना 3,23,200 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,50,560 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,49,920 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,37,460 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 1,12,480 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। वहीं चांदी का भाव बढ़कर 3,20,100 रुपये प्रति किलो हो गया।
कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतों से सर्राफा कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में पहले की तुलना में खरीदारी कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि निवेशकों के लिए सोना और चांदी अभी भी आकर्षक निवेश विकल्प बने हुए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह महंगा होता जा रहा है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को भाव में उतार-चढ़ाव और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखते हुए ही निवेश करना चाहिए।
इस तरह, सोना और चांदी ने 21 जनवरी को निवेशकों को लाभ दिया, लेकिन उपभोक्ताओं और ज्वेलरी व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ाई।







