मकर संक्रांति महोत्सव- 2026 एवं “एक कदम संपूर्ण महिला साक्षरता की ओर” कार्यक्रम का शुभारंभ
सासाराम। कला संस्कृति विभाग बिहार एवं रोहतास जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को मकर संक्रांति महोत्सव- 2026 एवं “एक कदम संपूर्ण महिला साक्षरता की ओर” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी, रोहतास, उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला के वरीय पदाधिकारीगण एवं स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज के केआरपी, असाक्षर महिलाएं, मुखिया, वार्ड सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला पदाधिकारी ने कहा कि मकर संक्रांति महोत्सव–2026 के अवसर पर जिले को शत-प्रतिशत महिला साक्षरता की दिशा में आगे बढ़ाने का यह संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि रोहतास जिला संपूर्ण साक्षर जिले की सूची में शामिल होने से मात्र एक कदम दूर है। यदि जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध वर्ग, स्थानीय कर्मी एवं प्रशासन मिलकर कार्य करें तो तीन माह के भीतर यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, जिससे जिला गौरवान्वित होगा।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रस्तुत किए आंकड़े
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधियों, कर्मियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए बताया कि गृह वार्ड सर्वेक्षण में 64,862 महिलाएं असाक्षर पाई गईं। 7 दिसंबर 2025 को आयोजित बुनियादी साक्षरता परीक्षा में 28,040 महिलाएं शामिल हुईं, जिनमें 12,132 महिलाएं सफल रहीं। सत्यापन के बाद 49,158 महिलाएं असाक्षर चिन्हित की गईं। परीक्षा में सफल महिलाओं को हटाने के पश्चात कुल 37,026 महिलाएं वर्तमान में असाक्षर पाई गई हैं। इन सभी चिन्हित महिलाओं के लिए साक्षरता वर्ग संचालन प्रारंभ किया जा रहा है।
इसके लिए नवमी एवं ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं, शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज कार्यकर्ता, शिक्षक एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं को बीटी (बोधक शिक्षक) के रूप में चिन्हित किया गया है। 20 जनवरी से सभी साक्षरता केंद्र होंगे। संचालित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि साक्षरता का प्रत्येक अक्षर व्यक्ति को साहस, क्षमता, रचनात्मकता और आत्मबल प्रदान करता है। एक सशक्त समाज का निर्माण साक्षरता से ही संभव है। उन्होंने जानकारी दी कि सभी चिन्हित महिलाओं हेतु साक्षरता केंद्र निर्धारित कर लिए गए हैं तथा 20 जनवरी 2026 से जिले के सभी केंद्रों का संचालन एक साथ प्रारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।







