नयी दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम पर कांग्रेस और विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए उन्हें गलत सूचना फैलाने और कानून को लेकर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौहान ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण स्तर पर किसानों और मजदूरों के बीच समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देता है और इसका उद्देश्य रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करना है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खर्गे पर झूठ फैलाने और एआई-जनरेटेड तस्वीरों के माध्यम से गलत संदेश देने का आरोप लगाया। चौहान ने स्पष्ट कहा, “इस तरह का झूठ आपको शोभा नहीं देता और लोकतंत्र में इसकी कोई जगह नहीं है।”
चौहान ने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम लघु और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जो बुवाई और कटाई के समय अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता रखते हैं। उन्होंने बताया कि यह कानून ग्राम पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के आधार पर निर्णय लेने का अधिकार देता है, जिससे विकेंद्रीकरण और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। अधिनियम के लागू होने तक एमएनआरईजीए योजना का संचालन जारी रहेगा।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के राष्ट्रीय स्तर के ‘MGNREGA बचाओ’ अभियान को भी निशाने पर लिया और इसे सत्य का मजाक बताते हुए कहा कि सरकार गरीबों, महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि संसदीय बहसों के दौरान राहुल गांधी इस मुद्दे पर क्यों अनुपस्थित रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए कल्याणकारी सुधारों को हथियार न बनाएं, बल्कि कानून और उसके उद्देश्य को समझकर इसका समर्थन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का ध्यान ग्रामीण जनता की वास्तविक जरूरतों और रोजगार सुनिश्चित करने पर है, और VB-G RAM G अधिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से स्पष्ट संदेश गया कि केंद्रीय सरकार इस अधिनियम के पक्ष में है और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को चुनौती देने के लिए तैयार है।







