पटना: पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या मामले ने बिहार की राजनीति में फिर हलचल पैदा कर दी है। पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और अब उनकी बहन, राष्ट्रीय जनता दल की सुप्रीमो की बेटी रोहिणी आचार्य, ने नीतीश सरकार पर इस मामले को लेकर तीखा हमला बोला है। रोहिणी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार सरकार से चार महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं और मामले में गंभीर कार्रवाई की मांग की है।
रोहिणी ने पहला सवाल उठाते हुए पूछा कि पटना हॉस्टल रेप कांड के आरोपी हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपत्ति और उनके पुत्र की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई। दूसरा सवाल उन्होंने प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर सतीश से जुड़े मामले को लेकर किया, जिन पर साक्ष्य मिटाने और आपराधिक छेड़छाड़ का आरोप है। उन्होंने पूछा कि अब तक डॉक्टर की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई और अस्पताल को सील क्यों नहीं किया गया।
तीसरा सवाल उन्होंने जांच की निष्पक्षता को लेकर किया और सरकार से पूछा कि क्या केस की जांच वास्तविक रूप से चल रही है या रसूखदार आरोपियों को बचाने के लिए लीपा-पोती की जा रही है। चौथा और सबसे बड़ा सवाल उन्होंने बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों को लेकर उठाया और चेतावनी दी कि कहीं आरोपियों को मामले में समय और सुविधा देकर बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।
तेजस्वी यादव ने भी नीतीश सरकार पर आरोप लगाया कि वोट खरीदी के लिए बनी यह सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों पर सरकार चुप है और सत्ता संरक्षित अपराधों में लीपापोती की जा रही है। तेजस्वी ने मधेपुरा, खगड़िया और पटना की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
इस पूरे मामले ने बिहार में कानून व्यवस्था और सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोहिणी और तेजस्वी के सवालों के बाद अब जनता और मीडिया की नजरें इस मामले में सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।







