रमना मैदान में जनसभा को किया संबोधित
बेतिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा की शुरुआत शुक्रवार से हो गई। आठ दिनों तक चलने वाले इस यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण के बेतिया से हुई। जिला मुख्यालय कुमारबाग पहुंचकर मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की गहन समीक्षा की और जीविका दीदियों से रू-ब-रू होकर संवाद किया। बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की सहायता राशि भेजी थी। वही आज सीएम नीतीश कुमार ने घोषणा किया कि जो रोजगार में अच्छा कर रहे हैं उनकी राशि बढाई जाएगी और जल्दी हीं इनको दिया भी जाएगा।
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी। शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले न तो स्कूलों में शिक्षक थे और न ही भवन। एनडीए सरकार ने बड़े पैमाने पर स्कूल भवन बनवाए और शिक्षकों की बहाली की, जो आज भी जारी है। साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग को बिहार के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को योजनाओं की सौगात दी और उनके क्रियान्वयन में कोई कमी नहीं छोड़ी। बजट में बिहार को तरजीह मिल रही है, गरीबों के लिए घर बन रहे हैं, मुफ्त अनाज दिया जा रहा है और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले पांच सालों में सरकार एक करोड़ नौकरी और रोजगार का सृजन करेगी।
उद्योग पर बोलते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है। बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने का काम शुरू हो गया है। चनपटिया चीनी मिल जल्द शुरू होगी, जिससे किसानों को बाजार और युवाओं को रोजगार मिलेगा। हर जिले में उद्योग लगाने की दिशा में पहल हो रही है।
एक तरफ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की सराहना की, तो दूसरी तरफ लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 2005 के पहले बिहार की क्या स्थिति थी ये किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद से बिहार की तस्वीर बदली है और आज बिहार हर क्षेत्र में आगे है। समृद्धि यात्रा के पहले ही दिन नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि यह सफर सिर्फ योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर बिहार की सियासी और प्रशासनिक घोषणा है।
इस दौरान नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान किया है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अब सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। सरकार इसके लिए नई नीति लाने जा रही है। इसे सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता होगी और समय पर इलाज मिलेगा। बता दे की बिहार के लगभग अधिकांश सरकारी स्वास्थ्य कर्मी अपना प्राइवेट क्लीनिक चलाते हैं, जिस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीज को बेहतर तरीके से इलाज नहीं करने की बात लगातार सामने आती रहती है। लेकिन नीतीश कुमार ने अब यह साफ कर दिया है कि सरकारी डॉक्टर अब प्राइवेट प्रैक्टिस यानी अपना निजी क्लीनिक नहीं चला सकते हैं। इसको लेकर नया नीति लाया जाएगा और इस पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी अस्पताल में पहुंचे लोगों को बेहतर इलाज हो सके।







