भारतीय जनता पार्टी में संगठन के सबसे अहम पद यानी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। पार्टी की ओर से शुक्रवार को चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई, जिसके अनुसार 16 जनवरी को निर्वाचक मंडल की मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 19 जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल होंगे और आवश्यकता पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान कराया जाएगा। हालांकि पार्टी सूत्रों का मानना है कि चुनाव की नौबत आने की संभावना बेहद कम है और सर्वसम्मति से ही नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन इस पद के प्रबल दावेदार हैं। संभावना जताई जा रही है कि वे इकलौते उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे और 19 जनवरी को ही उनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो जाएगा, जबकि औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जा सकती है। बताया जा रहा है कि उनके नामांकन के प्रस्तावक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा हो सकते हैं, जो इस फैसले को और मजबूती प्रदान करेगा।
भाजपा नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाकर संगठन में पीढ़ीगत बदलाव का संदेश देना चाहती है। पार्टी पहले ही 75 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में स्थान देकर यह संकेत दे चुकी है कि राजनीति में भी उम्र की एक सीमा होनी चाहिए और नेतृत्व की बागडोर युवाओं को सौंपी जानी चाहिए। एक साधारण कार्यकर्ता से उठकर शीर्ष पद तक पहुंचने वाले नितिन नबीन के जरिए भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाना चाहती है कि संगठन में प्रतिभा और मेहनत की कद्र होती है।
इस फैसले को देश की राजनीति में नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। जहां कई दल अब भी परिवारवाद और बुजुर्ग नेतृत्व के इर्द-गिर्द सिमटे हैं, वहीं भाजपा 45 वर्षीय नेता को कमान सौंपकर युवाओं के नेतृत्व वाली राजनीति का संदेश देना चाहती है। माना जा रहा है कि इससे अन्य दलों पर भी पीढ़ीगत बदलाव का नैतिक दबाव बनेगा और भारतीय राजनीति में नई कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।







