पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज से बिहार की समृद्धि यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। यात्रा का पहला दिन पश्चिम चंपारण जिले से शुरू हो रहा है, जहां मुख्यमंत्री करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात देंगे। पहले दिन 153 करोड़ रुपये की लागत से 125 योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, जबकि 29 करोड़ रुपये की लागत से 36 योजनाओं का उद्घाटन भी होगा। इन योजनाओं के माध्यम से जिले में आधारभूत संरचना, जनसुविधाएं और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश कुमार कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। वहां वे औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और स्थानीय रोजगार सृजन से जुड़े व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। प्रशासन ने यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पुख्ता किया है और कार्यक्रम स्थलों पर सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सीधे जनता से संवाद करेंगे और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करेंगे।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलों के डीएम और विभागीय सचिवों को निर्देशित किया है कि वे यात्रा की तैयारियां समय रहते पूरी करें। संबंधित विभागों के आला अधिकारी स्थल पर उपस्थित रहेंगे और आवश्यक होने पर ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल होंगे।
नीतीश कुमार की यह यात्रा 16 जनवरी को पश्चिम चंपारण से शुरू होकर 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण, 19 जनवरी को सीतामढ़ी-शिवहर, 20 को गोपालगंज, 21 को सीवान, 22 को सारण, 23 को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली होते हुए पटना पहुंचेगी। इस दौरान वे दिसंबर 2024 की प्रगति यात्रा में शुरू की गई योजनाओं और सात निश्चय योजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री मीडिया से सीधे बातचीत नहीं करते। उनके वीडियो अक्सर म्यूट होकर जारी किए जाते हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषक सुनील कुमार सिन्हा के अनुसार, यह दूरी जनता के साथ उनके मजबूत संबंध और सक्रियता को प्रभावित नहीं करती। जनता उनकी योजनाओं और कार्यों से संतुष्ट है और उनके नेतृत्व में विकास की उम्मीद बढ़ी हुई है।







