नयी दिल्ली। ईरान में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए ‘कंटिन्यूजेंसी प्लान’ तैयार कर लिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने युद्ध का खतरा टलने के कारण भारतीय नागरिकों को ईरान से निकालने के ऑपरेशन से रोक दिया है. हालांकि, पहले जानकारी आई थी कि आज भारतीयों का पहला प्लेन स्वदेश जा सकता है. लेकिन भारतीय दूतावास द्वारा शुरू की गई निकासी प्रक्रिया को अगले आदेश तक रोक दिया गया है. पहले निकासी का फैसला युद्ध संबंधी चिंताओं को देखते हुए एहतियाती उपाय के तौर पर लिया गया था. हालांकि, अधिकारियों ने पुष्टि ने पुष्टि किया है कि ईरान में युद्ध जैसी स्थिति या आगे तनाव बढ़ने की कोई आशंका नहीं है.
अब ये स्पष्ट है कि फिलहाल निकासी की कोई जरूरत नहीं है. इस बीच दूतावास के अधिकारी छात्रों के सीधे संपर्क में हैं और यदि निकासी आवश्यक हो जाती है तो वे व्यक्तिगत रूप से छात्रों से मिलेंगे और उन्हें आधिकारिक माध्यमों से सूचित करेंगे. बताया जाता है कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने विभिन्न क्षेत्रों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से संपर्क शुरू कर दिया है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि कौन देश छोड़ना चाहता है. बताया जाता है कि ‘ईरान में संचार सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं, जिससे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में दूतावास के अधिकारी खुद उन इलाकों में जाकर भारतीय छात्रों की पहचान कर जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं, जहां इंटरनेट और दूरसंचार सेवाएं काम नहीं कर रही हैं.
बता दें कि बुधवार को ईरान में लगातार बिगड़ते हालत को देखते हुए भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीय नागरिकों- छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से उपलब्ध साधनों या कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए ईरान छोड़ने की अपील की थी. वही तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने, सतर्क और संबंधित यात्रा डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने की सलाह दी है. अनुमान के अनुसार, ईरान में वर्तमान में दस हजार से अधिक भारतीय रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की है. वहीं, भारत सरकार ने स्थिति के अनुसार त्वरित प्रतिक्रिया देने की तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना शामिल है.







