
मुंबई: देश के सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की सत्ता किसके हाथ होगी, इसका फैसला आज मतगणना के साथ होने जा रहा है। मुंबई के 23 निर्धारित केंद्रों पर सुबह 10 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती शुरू हुई। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया भारतीय चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
शुरुआती रुझानों में भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। गठबंधन लगभग 50 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला खेमा करीब 25 सीटों पर आगे चल रहा है। इन रुझानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सत्ता संतुलन को लेकर हलचल तेज कर दी है। बीएमसी में बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को कम से कम 114 सीटों की आवश्यकता होगी।
यह चुनाव 15 जनवरी को मुंबई के 227 वार्डों में पार्षदों के चयन के लिए संपन्न हुआ था। बीएमसी को देश का सबसे बड़ा और आर्थिक रूप से सबसे सशक्त नगर निगम माना जाता है, इसलिए इसकी सत्ता पर काबिज होना सभी प्रमुख दलों की प्राथमिकता रही है। इस बार चुनाव मैदान में करीब 1,700 उम्मीदवार उतरे, जिनमें 879 महिलाएं और 821 पुरुष शामिल थे। हालांकि उम्मीदवारों की संख्या 2017 के मुकाबले लगभग 25 प्रतिशत कम रही, जब 2,275 प्रत्याशी मैदान में थे।
नगर आयुक्त द्वारा स्वीकृत मतगणना योजना के तहत प्रत्येक केंद्र पर अलग-अलग चरणों में गिनती की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव मुंबई के विकास, बुनियादी ढांचे और स्थानीय शासन की दिशा तय करेगा। महायुति और ठाकरे गुट के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है, जबकि अन्य दल भी कुछ सीटों पर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। अंतिम नतीजे शाम तक आने की उम्मीद है, जिसके बाद स्पष्ट होगा कि मुंबई की सत्ता की कमान किसके हाथों में जाएगी।






