पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित होने वाली चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 40 दिन बाद बिहार लौटते ही राजद भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पार्टी ने अब शिक्षक अभ्यर्थियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। राजद ने मांग की है कि चौथे चरण में कम से कम एक लाख पदों पर बहाली निकाली जाए। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने सोशल मीडिया पर जदयू का एक पुराना पोस्टर साझा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि यह पोस्ट 28 जुलाई 2025 को जदयू के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से जारी किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में बहाली का वादा किया गया था। अब सरकार के शिक्षा मंत्री सिर्फ 25 हजार पदों की बात कर रहे हैं, जो युवाओं के साथ छल है। उन्होंने दावा किया कि यह संख्या घटते-घटते 15 हजार से भी कम रह जाएगी और यह भी तय नहीं है कि बहाली कब तक पूरी होगी। राजद प्रवक्ता ने कहा कि 2022 में महागठबंधन सरकार बनने से पहले जैसी स्थिति थी, अब उससे भी बदतर हालात बनने वाले हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि हमें और तेजस्वी यादव को गाली देने से अगर नौकरी मिल जाती है तो गाली देते रहिए, हमें मंजूर है, बस युवाओं को नौकरी मिल जाए।
राजद ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए नारा भी दिया, “विश्वगुरु और सुशासन बाबू की यारी = भूलो नौकरी और बेरोजगारी।” इधर, राजद के इस हमले के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों में भी आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि 2025 सरकार ने खुद ही एक लाख 20 हजार सीटों पर चौथे चरण में वैकेंसी निकालने की बात कही थी। इसको लेकर नौ सितंबर, 19 सितंबर और चार अक्तूबर को शिक्षक अभ्यर्थियों ने आंदोलन भी किया था। सरकार ने आश्वसन भी दिया लेकिन इसके बावजूद अब शिक्षा मंत्री 25 से 27 हजार सीटों पर बहाली निकालने की बात कह रहे हैं। यह गलत है। छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। इसलिए हमलोगों की मांग है कि सरकार अपने बात पर कायम रहे हैं और कम से कम एक लाख पदों पर बहाली निकाले।







