मधुबनी: सोमनाथ मंदिर की आजाद भारत में प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की, भगवान शिव का दुग्धाभिषेक किया। इस पूरे कार्यक्रम को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ नाम दिया गया। इस बीच बिहार का सोमनाथ मंदिर भी चर्चा में आ गया। इस मंदिर की भी कहानी गुजरात के सोमनाथ मंदिर से जुड़ी हुई है। रविवार को ही बिहार सरकार के अरुण शंकर प्रसाद ने मंदिर का दौरा किया और इसके विकास का आश्वासन दिया।
बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने मधुबनी जिले के सौराठ गांव में प्राचीन सोमनाथ महादेव मंदिर का दौरा किया और इसके संरक्षण और विकास के लिए सरकारी मदद का वादा किया। सांसद अशोक यादव, पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचाउल, संस्कृत शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन मृत्युंजय झा और अन्य मेहमानों के साथ मंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। पीढ़ियों से चली आ रही स्थानीय लोककथा के अनुसार, सौराष्ट्र (गुजरात) में पौराणिक सोमनाथ मंदिर पर 1026 में महमूद गजनवी ने हमला कर ध्वस्त कर दिया था।
कहा जाता है कि उस समय मंदिर में एक पुजारी बिहार के थे। गजनवी के हमले में बाद सौराठ गांव के पुजारी अपने गांव लौट आए और इस मंदिर की स्थापना थी। और इस मंदिर की स्थापना करके इसे सम्मान में सोमनाथ नाम दिया। यहां तक कि गांव का नाम ‘सौराठ’ भी ‘सौराष्ट्र’ से जुड़ा हुआ माना जाता है, जो सदियों और भूगोल के पार इन दोनों पवित्र स्थलों को जोड़ता है।







