
पटना: बिहार मौसम सेवा केंद्र (बीएमएसके) ने गुरुवार को राज्य में अगले दो दिनों तक शीतलहर की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। बीएमएसके के अनुसार, राज्य के अधिकतर जिलों में कम तापमान के साथ मध्यम से तेज गति से हवा चलने के कारण ठिठुरन बनी रहेगी। हालांकि राजधानी पटना समेत कुछ जिलों में गुरुवार को धूप खिली, लेकिन इस धूप से तपिश काफी कम महसूस हुई। ठंडी हवाओं के आगे सूर्य की किरणें भी कमजोर पड़ती दिखीं।
बीएमएसके के आंकड़ों के मुताबिक, गया जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सबसे कम तापमानों में से एक है। राजधानी पटना में पारा 9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जबकि भागलपुर जिले के सबौर क्षेत्र में 4.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। बीएमएसके के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में न्यूनतम तापमान अगले दो दिनों में चार डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे शीतलहर की तीव्रता और बढ़ने की आशंका है। तापमान में गिरावट के साथ-साथ घने कोहरे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
पटना, दरभंगा, बेगूसराय और आसपास के कई जिलों में दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे सड़क और रेल परिवहन प्रभावित हुआ है। यात्रियों को देरी, ट्रेनें रद्द होने और हादसों की आशंका के चलते भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 5 दिन तक राज्य में अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं बात अगर न्यूनतम तापमान की करें तो इसके 6 से 10 डिग्री के बीच रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बृहस्पतिवार से कोहरे की स्थिति और खराब हो सकती है, जबकि शीतलहर कम से कम 14 जनवरी तक रहने की संभावना है।






