वैशाली: बिहार में इन दिनों लॉ एंड ऑर्डर को लेकर बढ़ी हुई सख्ती लगातार देखने को मिल रही है। बिहार के डिप्टी सीएम और गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी को सिर्फ यही एक विभाग दिया गया है। ताकि वो बिहार में लॉ एंड ऑर्डर पर एकदम फोकस के साथ काम कर सकें। उधर डीजीपी विनय कुमार भी वो ऑफिसर माने जाते हैं, जो किसी काम में इन्वेस्टिगेशन और कोर्ट तक अपराधियों को घसीट कर पहुंचवा देते हैं। इसका असर वैशाली में दिखा लेकिन जरा अजब अंदाज में। साल 1991 में अजय देवगन ने फिल्म फूल और कांटे से अपने करियर का डेब्यू किया था। उस फिल्म का एक गाना आज भी शादियों में बैंड वाले जमकर बजाते हैं। वो गाना है ‘आए हम बाराती बारात लेके, जाएंगे तुझे भी अपने साथ ले के’।
बस बैंड पार्टी से इसी गाने को बजवाते हुए वैशाली पुलिस एक घर पहुंच गई। गाना सुन कर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों को लगा कि पुलिस किसी लव स्टोरी को शादी में मुकम्मल करने के लिए आई है। लेकिन मामला तो कुछ और ही निकला। दरअसल पुलिस किसी की शादी कराने नहीं, बल्कि मर्डर केस के फरार आरोपी के घर पहुंची थी। मकसद फरारी को लेकर नोटिस चिपकाना था। लेकिन पुलिस ने इस दौरान डुगडुगी या मुनादी के बदले कुछ ऐसा किया कि लोगों की नजर में अपराधी की खबर एकदम तेज रौशनी की तरह पहुंच गई। पुलिस ने ये सबकुछ किया वैशाली जिले के नारायणपुर दुमदुमा इलाके में। 20 नवंबर 2025 को वैशाली थाना इलाके में एक जूलरी कारोबारी हिमांशु कुमार को पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया गया था। इस मामले में केस दर्ज किया गया था।
इस खौफनाक हत्याकांड के आरोपी नारायणपुर दुमदुमा के ही रहने वाले आकांशु कुमार, राहुल कुमार और गोलू कुमार को बनाया गया है। लेकिन तीनों के तीनों फरार हैं। इसी केस में पुलिस टीम का नेतृत्व SI दीपक कुमार कर रहे थे। उन्होंने इश्तेहार चिपकाने के लिए अपनी टीम साथ ली और साथ में लिया बैंड बाजे वालों को। इसके बाद बैंड वाले अजय देवगन की फिल्म फूल और कांटे का गाना आए हम बाराती बजाते हुए आरोपियों के घर पहुंचे और पुलिस ने वहां फरारी वाला इश्तेहार चिपका दिया। इस बीच वहां के लोग भी हंस पड़े। इसके बाद पुलिस ने जिप्सी से बकायदा इस बात का अनाउंसमेंट कर दिया कि फरार आरोपियों तक ये जानकारी पहुंचा दी जाए कि अगर सरेंडर नहीं किया तो अगली बार पुलिस फिर आएगी, लेकिन बैंड बाजे के साथ नहीं बल्कि बुलडोजर के साथ, वो भी कुर्की जब्ती के लिए।







