पटना: मकर संक्रांति का त्योहार जैसे-जैसे पास आता जा रहा है, मार्केट में तिलकुट की सौंधी महक छाने लगी है। एक हफ्ते का समय अब मकर संक्रांति में बचा है और पटना के मार्केट में तिलकुट, गजक और तिल के लड्डू जैसी पारंपरिक मिठाइयों की बिक्री बढ़ गई है। शहर के बोरिंग रोड, कंकड़बाग, मीठापुर और रुकनपुरा जैसे इलाकों में अस्थायी स्टॉल और दुकानें लग गई हैं, जहां गुड़, चीनी और खोया से बनी कई तरह की वैरायटी मिल रही हैं। इनमें प्रीमियम शुगर-फ्री और ड्राई फ्रूट तिलकुट की भी काफी डिमांड है।
बोरिंग रोड पर विजेंद्र गुप्ता की तिलकुट की दुकान है। यहां कई तरह का तिलकुट बिक रहा है। दुकानदार विजेंद्र गुप्ता बताते हैं कि, ‘ज्यादातर ग्राहक चीनी वाले तिलकुट के बजाय गुड़ और खोया वाले तिलकुट पसंद कर रहे हैं। ये हेल्दी और स्वादिष्ट होते हैं। चीनी वाले तिलकुट 260 रुपये प्रति किलो से शुरू होते हैं, जबकि गुड़ वाले तिलकुट की कीमत 300 से 400 रुपये के बीच है। खोया वाले तिलकुट 400 से 500 रुपये तक मिलते हैं।’ रुकनपुरा के एक ग्राहक राजीव राय ने कहा कि चीनी वाले तिलकुट या तिल के लड्डू सख्त होते हैं, जबकि गुड़ वाले नरम होते हैं। खरीदार शुगर-फ्री और ड्राई फ्रूट तिलकुट जैसे प्रीमियम ऑप्शन भी चुन रहे हैं, जिनकी कीमत इस्तेमाल किए गए ड्राई फ्रूट्स या खास स्वीटनर की मात्रा के आधार पर 500 से 600 रुपये प्रति किलो के बीच है।
राजबंशी नगर के रहने वाले प्रियांशु राज ने कहा, ‘ड्राई फ्रूट्स वाला तिलकुट पारंपरिक तिलकुट से ज्यादा स्वादिष्ट और हेल्दी होता है। मकर संक्रांति ‘तिल’ का त्योहार है, जो शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। लोग इस मौसम में सद्भावना के प्रतीक के तौर पर ये मिठाइयां एक-दूसरे को देते हैं।’ अन्य लोकप्रिय चीज़ों में काले और सफेद तिल के लड्डू, गुड़ और भुनी हुई मूंगफली से बनी चिक्की, तिल पापड़ी और तिल गजक शामिल हैं। इनकी कीमत इस्तेमाल किए गए गुड़ की मात्रा और तिल की क्वालिटी के आधार पर 260 से 400 रुपये के बीच है।







