पटना: बिहार की सड़कों पर यात्रा करने का अनुभव आने वाले दिनों में बदल जाएगा। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने राज्य में पांच नई सड़कों के निर्माण के लिए करीब 2900 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 225 किलोमीटर होगी। यह राशि निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर चरणबद्ध जारी की जाएगी। बिहार में इन सड़क परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य मौजूदा सिंगल-लेन और भीड़भाड़ वाली सड़कों को कम से कम टू-लेन की सड़क में तब्दील करना है। इस बदलाव से यात्रा में कम समय लगेगा, सड़क हादसे घटेंगे और तेज परिवहन राज्य के आर्थिक विकास में मददगार बनेगा। बिहार राज्य सड़क विकास निगम ने इन परियोजनाओं के लिए मूल्य बोली मूल्यांकन रिपोर्ट एडीबी को सौंपी थी। इस पर बैंक ने हरी झंडी दे दी है। राज्य के सड़क निर्माण विभाग ने चुनी हुई कंपनियों को निर्माण कार्य शुरू करने की इजजात दे दी है।
इन सड़कों के निर्माण से भोजपुर, मुंगेर, बांका, नवादा, गया, नालंदा, सारण और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों को सीधा फायदा मिलेगा। बेहतर सड़कें लोगों को अधिक दूरी की यात्राओं में ही नहीं, स्कूल, अस्पताल और बाजारों तक आसानी से पहुंचने में मददगार बनेंगी। यह स्थानीय व्यवसायों के लिए भी मददगार बनेंगी। इन सड़कों का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विकास में मिलने की उम्मीद की जा रही है। इन सड़क परियोजनाओं को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इन सड़कों पर यातायात का दबाव अधिक होने की स्थिति में भविष्य में इनकी चौड़ाई और बढ़ाई जा सकती है। राज्य सरकार ने पहले इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली थी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण पूरा करने के बाद टेंडर जारी किए गए थे। अब इनका निर्माण शुरू होने में कोई अड़चन नहीं है।
इन परियोजनाओं में गया जिले में 41 किलोमीटर से अधिक लंबी और 361 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बंगनगा–जेठियन–गहलोर–भिंडस सड़क शामिल है। मुंगेर और बांका जिलों में 72 किलोमीटर से अधिक लंबी और लगभग 701 करोड़ रुपये की लागत वाली असारगंज–शंभुगंज–इंग्लिश मोड–पुंसिया–धोरैया सड़क सबसे लंबी होगी। अन्य महत्वपूर्ण सड़कों में भोजपुर में आरा–एकाउना–खैरा–सहर सड़क, सारण और सिवान में छपरा–मंझि–दरौली–गुठनी सड़क, और मुजफ्फरपुर में हथौरी–अतरार–बभंगमा–औरई सड़क शामिल है, जिसमें एक पुल भी बनेगा। बिहार की उक्त सड़कों में से अधिकांश सिंगल-लेन हैं और इन पर भीड़भाड़ और यातायात का काफी दबाव रहता है। इन सड़कों पर दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। नई सड़कों के निर्माण से यात्रा सुरक्षित और तेज हो जाएगी। यह सुधार राज्य के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करेगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। एडीबी से मिली वित्तीय सहायता से राज्य का बुनियादी ढांचा मजबूत हो सकेगा।







