पटना: बैंक लूटकांड के आरोपित अमन शुक्ला की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एसआईटी (SIT) और एसटीएफ (STF) की संयुक्त कार्रवाई में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को जांच के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। एसआईटी ने मंगलवार को घटनास्थल के साथ-साथ बोरिंग रोड और मीठापुर स्थित अमन शुक्ला के आवास की भी जांच की। पुलिस इस हत्याकांड में पैसे के लेन-देन, प्रेम प्रसंग और गिरोह के आपसी विवाद, इन तीन बिंदुओं को मुख्य कारण मानकर जांच कर रही है।
इन्हीं एंगल्स पर पूछताछ आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह सामने आया है कि नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र के मलामा गांव निवासी अमन शुक्ला को एक सप्ताह पहले बेऊर जेल से हत्या की धमकी मिली थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिल चुकी है कि जेल से धमकी किसने दी थी। इस सिलसिले में पुलिस टीम बेऊर जेल जाकर संबंधित कुख्यात से पूछताछ करेगी। अमन शुक्ला मीठापुर में किराये के एक अपार्टमेंट में पत्नी और बच्चे के साथ रहता था, लेकिन बीते शनिवार से वह बोरिंग रोड में रह रहा था। बोरिंग रोड से ही वह अपने बच्चे को दिखाने मलाही पकड़ी स्थित एक अस्पताल गया था। इसी दौरान मुन्नाचक से बदमाशों ने उसका पीछा किया और पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के विद्यापुरी पार्क के पास उसके सिर में दो गोलियां मार दीं।
हत्याकांड में शामिल बदमाशों की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। दोनों बदमाश हेलमेट और मास्क पहने हुए थे। फुटेज सोमवार शाम 6:01 बजे का बताया जा रहा है। जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि हमलावर अमन की दिनचर्या से वाकिफ थे। अमन हर सोमवार अपने विकलांग बेटे की फिजियोथेरेपी के लिए जाता था, जिससे पुलिस को शक है कि घटना में किसी करीबी की भूमिका हो सकती है। पुलिस ने अमन शुक्ला और उस मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाल ली है, जिससे धमकी दी गई थी। नंबर किसके नाम पर है और कहां से ऑपरेट हो रहा था, इसकी जांच की जा रही है। CDR के जरिए पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।







