पटना: जेडीयू के बाहुबली विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह एक बार फिर जमीन कब्जा को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार धूमल सिंह ने अपनी धमक राजधानी के नेपाली नगर के महावीर कॉलोनी (रोड नंबर छह) से ही पूरे बिहार को दे दी। पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाया कि विधायक और उनके शागिर्दों ने रात का फायदा उठाकर उनकी चारदीवारी को ही तोड़ दिया। कब्जा का यह उदाहरण जदयू विधायक धूमल सिंह ने उस समय पेश किया है, जब उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि भू-माफिया सावधान हो जाएं। वे किसी हाल में बक्शे नहीं जाएंगे। वर्ष 2014 के अक्टूबर में सरकारी जमीन कब्जा करने का भी एक मामला सामने आया, जिसमें भी वर्तमान विधायक धूमल सिंह का नाम आया था।
तब मनोरंजन सिंह पर 37 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप भी लग था। राजीव नगर थाने में उनके खिलाफ बिहार हाउसिंग फेडरेशन की ओर से केस भी दर्ज कराया गया था। इस मामले में जेडीयू विधायक प्रदीप महतो और 40 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। मनोरंजन जब बनियापुर के विधायक थे, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके पैतृक आवास पर साथ में लंच किया था। तभी से इनकी धौंस पूरे बिहार में गूंजने लगी। धूमल सिंह 70 के दशक में अपराध के क्षेत्र के बादशाह थे। पुलिस फाइल में भी मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में उनका नाम शामिल था। ऐसे तो उनका पूरा नाम है मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल, लेकिन अपराध की दुनिया में उनका सिक्का धूमल सिंह के नाम से चलता था। फिलहाल तो वे दल यूनाइटेड से विधायक हैं। इनके अपराध के कारनामे बिहार, यूपी, दिल्ली, मुंबई और झारखंड में भी दर्ज रहे थे।
बाहुबली मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह सारण की सियासत में साल 2000 में एंट्री मारी थी। तब वह सारण के बनियापुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। 2005 के फरवरी का चुनाव उन्होंने लोजपा और उसी साल नवंबर का चुनाव जदयू के टिकट पर लड़ा और जीते। फिर उन्होंने अपना क्षेत्र बदल लिया और बतौर जदयू प्रत्याशी एकमा से किस्मत आजमाई। मनोरंजन सिंह ने 2010 के विधानसभा चुनाव में RJD के कामेश्वर कुमार सिंह को 29201 वोटों के अंतर से हराया था। 2014 के आम चुनाव में भी धूमल ने अपनी किस्मत आजमाई थी और महाराजगंज लोकसभा सीट से JDU के टिकट पर लड़े थे, पर इन्हें हार का सामना करना पड़ा था। साल 2015 के विधानसभा चुनाव में मनोरंजन फिर एकमा सीट से उतरे और बीजेपी के कामेश्वर कुमार सिंह को शिकस्त दी। 2020 के विधानसभा में जदयू से सीता देवी को टिकट मिला और वे राजद के उम्मीदवार श्रीकांत यादव से चुनाव हार गईं। वर्ष 2025 में एकमा विधानसभा से जदयू ने धूमल सिंह को टिकट दिया और वे आज विधायक हैं।







