Home बिहार बिहार रेल: 5 साल में बड़े स्टेशनों की क्षमता होगी दोगुनी

बिहार रेल: 5 साल में बड़े स्टेशनों की क्षमता होगी दोगुनी

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Bihar Rail: Capacity of major stations to be doubled in 5 years

पटना: बिहार के रेल यात्रियों के लिए आने वाले पांच साल बड़े बदलावों वाले साबित होने वाले हैं। पूर्व मध्य रेल ने राज्य के प्रमुख स्टेशनों पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर के पुनर्विकास की एक वृहद योजना तैयार की है। इसका मुख्य लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इन स्टेशनों की ट्रैफिक संभालने की क्षमता को मौजूदा स्तर से दोगुना करना है। पूर्व मध्य रेल के अनुसार पटना जंक्शन के विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। इसके तहत हार्डिंग पार्क की जमीन पर 95 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए टर्मिनल बनाए जाएंगे।

ये टर्मिनल विशेष रूप से सब-अर्बन (मेमू/डेमू) ट्रेनों के लिए होंगे, जिससे मुख्य पटना जंक्शन पर यात्रियों और ट्रेनों का दबाव काफी कम हो जाएगा। मुजफ्फरपुर स्टेशन को 442 करोड़ रुपये के निवेश के साथ विश्वस्तरीय स्टेशन बनाया जा रहा है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यार्ड का विस्तार और लाइन क्षमता बढ़ाई जा रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दरभंगा स्टेशन का सौंदर्यीकरण और ऑपरेशनल अपग्रेड किया जाएगा, ताकि अधिक ट्रेनों का परिचालन सुचारू रूप से हो सके। गया जंक्शन में विश्व स्तरीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नए स्टेबलिंग यार्ड की व्यवस्था होगी।

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इसके अलावा बढ़ी हुई लाइन क्षमता और उन्नत स्वचालित सिग्नलिंग के साथ अपग्रेड किया जाएगा। पूर्वी भारत के सबसे महत्वपूर्ण रेल हब दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन की क्षमता बढ़ाने के लिए यार्ड रीमॉडलिंग और नए स्टेबलिंग यार्ड का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, ट्रेनों के सुरक्षित और तेज संचालन के लिए यहां एडवांस्ड ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। स्टेशनों के विकास के साथ-साथ रेल ट्रैक की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। राज्य के सबसे व्यस्त कॉरिडोर डीडीयू-पटना-झाझा-हावड़ा मार्ग पर ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की योजना है। इससे मुख्य लाइन पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही की रफ्तार बढ़ेगी।

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