पटना: शीतलहर के कहर से पटना के स्कूलों में कक्षा 5 तक की पढ़ाई पर 5 जनवरी तक रोक लगा दी गई। जिलाधिकारी के आदेश के मुताबिक कक्षा 5 से ऊपर की शैक्षणिक गतिविधियां सुबह 10:30 बजे से दोपहर 03:30 बजे के बीच होगी। दरअसल, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बिहार में कड़ाके की सर्दी और बर्फीली पछिया हवाओं ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (समस्तीपुर) के मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री कम है। ये पिछले 27 वर्षों में सबसे कम तापमान का रिकॉर्ड है। इससे पहले वर्ष 1998 में ऐसी स्थिति देखी गई थी।
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि 6 जनवरी तक ‘कोल्ड डे’ के हालात बने रहेंगे। सुबह के समय घने कोहरे और दिन में पछिया हवाओं के कारण कनकनी और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार का अधिकतम तापमान 19.2 और न्यूनतम 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। ये गिरावट असाधारण है, क्योंकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री नीचे चला गया है। पिछले तीन दिनों में औसत न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा है, जबकि उत्तर बिहार में सूर्य की रोशनी कम मिलने और शुष्क मौसम ने वातावरण में ठंडक और बढ़ा दी है।
डॉक्टर ए. सत्तार की मानें तो आगामी 7 जनवरी तक जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, अधिकतम तापमान 15 से 17 डिग्री और न्यूनतम 7 से 9 डिग्री के बीच रह सकता है। इस दौरान 3 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी पछिया हवाएं चलेंगी। सुबह के समय आर्द्रता 95 प्रतिशत तक रहने की वजह से मध्यम से घना कोहरा छाया रहेगा, हालांकि दोपहर में मौसम साफ होने की उम्मीद है। लगातार गिरते तापमान और कम होती धूप की अवधि के कारण रबी की फसलों और पशुधन पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि अगले कुछ दिनों तक शुष्क मौसम बना रहेगा, इसलिए ठंडी हवाओं से बचाव जरूरी है।







