Home बिहार पलायन की मजबूरी—काम की तलाश में 50 मजदूर महाराष्ट्र रवाना

पलायन की मजबूरी—काम की तलाश में 50 मजदूर महाराष्ट्र रवाना

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Forced to migrate: 50 laborers leave for Maharashtra in search of work

सहरसा: सहरसा जिले में रोजगार की कमी ने ग्रामीण मजदूरों को फिर से परदेश जाने पर मजबूर कर दिया है। शुक्रवार की रात सहरसा के ऐनी गांव से करीब 50 बेरोजगार मजदूर महाराष्ट्र की ओर रोज़ी-रोटी की तलाश में रवाना हुए। सहरसा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार करते इन मजदूरों के चेहरों पर परिवार से बिछड़ने का ग़म और पेट पालने की मजबूरी साफ झलक रही थी। ऐनी गांव के वार्ड नंबर 10 निवासी अनिल यादव ने बताया कि उनके गांव से 50 मजदूर महाराष्ट्र जा रहे हैं। वहां वे बोरी उठाने जैसे कठिन परिश्रम वाले काम करेंगे।

अनिल यादव ने कहा कि महाराष्ट्र में उन्हें प्रतिदिन 700 से 800 रुपये मिल जाते हैं, जबकि गांव में काम और पैसे दोनों नदारद हैं। अगर गांव में ही 500-700 रुपये रोज़ की आमदनी मिल जाए, तो कोई भी अपना घर छोड़ने पर मजबूर नहीं होता। सज्जन यादव ने बताया कि परिवार और बच्चों को छोड़कर जाना आसान नहीं होता, लेकिन बेहतर जीवन और बच्चों की परवरिश के लिए यह कड़वा निर्णय लेना पड़ता है। वे लोग ठंड और फसल के समय को देखते हुए 5-6 महीने के लिए बाहर जाते हैं।

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इस दौरान वे 50-60 हजार रुपये बचाकर घर लौटते हैं। सज्जन यादव का कहना है कि अगर गांव में ही 20-25 हजार रुपये महीने का कमाई का जरिया होता, तो वे कभी परदेश नहीं जाते। परदेश जाने वाले समूह में सचिन कुमार यादव (ऐनी वार्ड 10), सज्जन यादव, रूपेश यादव, जद्दू साह, मिथलेश यादव, पपलू सादा, दिलचन सादा, सत्यम सादा और सरबेला (वार्ड 12) के भोली शर्मा समेत कई मजदूर शामिल हैं। सभी मजदूरों ने एक स्वर में कहा कि सहरसा और कोसी क्षेत्र में बड़े उद्योग-धंधे न होने के कारण उन्हें साल-दर-साल बिहार से बाहर काम करने जाना पड़ता है।





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