पटना: बिहार सरकार के मंत्रियों ने बीते साल के आखिरी दिन अपनी संपत्तियों का ब्यौरा सार्वजनिक किया। सभी मंत्रियों की संपत्तियों का विवरण सामने आने के बाद पता चला कि बिहार के सबसे अमीर मंत्री ग्रामीण निर्माण मंत्री अशोक चौधरी हैं, जिनके पास 42.68 करोड़ रुपये की संपत्ति है। अशोक चौधरी पर जब सबसे अमीर मंत्री का तमगा लगा और यह चर्चा का विषय बन गया तो उन्होंने सफाई दी। चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भूल सुधार करने का अनुरोध किया है और अपनी संपत्ति का नया विवरण जारी किया है। उन्होंने कहा है कि उनके पिछले ब्यौरे में उनकी पत्नी की संपत्ति 22 करोड़ रुपये की बताई गई, जबकि वास्तव में वह 2 करोड़ रुपये की है।
मंत्री अशोक चौधरी ने साल 2024-25 में अपनी कुल 20.34 लाख रुपये की आय दिखाई थी। उनके अनुसार उनके बैंक खातों में 53.86 लाख रुपये जमा हैं। उनकी पत्नी नीता केसकर चौधरी के बैंक खातों में 22.54 करोड़ रुपये से अधिक जमा हैं। उनके पास 800 ग्राम वजन के सोने और जेम्स के गहने होने की बात भी कही गई, जिनकी कीमत 9.60 करोड़ रुपये है। अशोक चौधरी और उनकी पत्नी की कुल चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जोड़ा गया तो यह 42.68 करोड़ रुपये हुआ। इस तरह वे सबसे अमीर मंत्री बन गए। अब अशोक चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आवेदन देकर संपत्ति की घोषणा में हुई त्रुटि की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है और भूल सुधार की बात कही है। अशोक चौधरी ने मुख्यमंत्री को 1 जनवरी 2026 को भेजे गए पत्र में लिखा है कि उन्होंने संपत्ति विवरणी 25 दिसंबर 2025 को प्रेषित की थी।
इसमें अचल संपत्ति के विवरण में पत्नी श्रीमती नीता केसकर चौधरी के कॉलम में टाइपिंग में त्रुटि होने के कारण 22,567,497.29 के स्थान पर 225,467,497.29 टाइप हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वेबसाइट पर इस विवरण में तुरंत सुधार करवाने का निवेदन किया है। मंत्रियों की ओर से दिए गए ब्यौरे के मुताबिक नीतीश कैबिनेट में सबसे धनी मंत्री अशोक चौधरी कहे जा रहे थे जिनकी कुल संपत्ति (पत्नी सहित) 42.68 करोड़ रुपये बताई गई। हालांकि अब मुख्यमंत्री को दिए गए आवेदन के बाद वे सबसे धनी मंत्री नहीं रह गए हैं। नए आंकड़ों के अनुसार अब वे और उनकी पत्नी कुल 22 करोड़ से अधिक की संपत्ति की मालिक हैं। सबसे अमीर मंत्रियों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर मानी गईं रमा निषाद 31.85 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ अब पहले स्थान पर पहुंच गई हैं।







