
भागलपुर: भागलपुर जंक्शन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के दो जवानों ने अपनी अद्भुत बहादुरी, फुर्ती और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में दो महिला यात्रियों की जान बचाई। ये दोनों साहसिक बचाव कार्य स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए, जिसके बाद मालदा मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने दोनों जवानों की सराहना की है और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पहली घटना 9 दिसंबर की शाम को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर किऊल-मालदा इंटरसिटी एक्सप्रेस के चलते समय हुई। कहलगांव थाना क्षेत्र की निवासी सोनी देवी नामक एक महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही थी।
इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच की संकरी जगह में फंसने लगी। यह देख वहां मौजूद आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक संजीव कुमार झा ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए तुरंत दौड़ लगाई। उन्होंने महिला को पूरी ताकत से पकड़ा और पटरी की ओर गिरने से पहले ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित खींच लिया। इस दौरान संजीव कुमार झा भी गिर पड़े, लेकिन उन्होंने महिला की जान बचा ली। अगले ही दिन, 10 दिसंबर को सुबह करीब 10:25 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर एक और बचाव अभियान चला। बांका-राजेंद्र नगर इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13241) जब धीमी गति से चल रही थी, तभी एक महिला यात्री उससे उतरने की कोशिश में फिसल गई।
ट्रेन में एस्कॉर्टिंग ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल माधव कुमार ने यह देखा। उन्होंने बिना समय गंवाए चलती ट्रेन से छलांग लगाई और तेजी से महिला की ओर दौड़े। पटरी की ओर गिरने से पहले ही माधव कुमार ने महिला को सुरक्षित बाहर खींच लिया। महिला को बचाने के बाद, वह अपनी ड्यूटी पर वापस लौटे और उसी चलती ट्रेन में चढ़ गए। मालदा मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने दोनों जवानों – सहायक उपनिरीक्षक संजीव कुमार झा और हेड कांस्टेबल माधव कुमार के साहसिक कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना बेहद खतरनाक होता है और यह यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा करता है। डीआरएम ने यात्रियों से कड़ाई से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचें। उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है।






