पटना: बिहार में पुरवैया हवा ठिठुरन बढ़ा रही है। मौसम में अगले चार दिनों के भीतर एक अहम बदलाव आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि हवा की दिशा में परिवर्तन होगा और राज्य में अब पुरवैया हवा (पूर्वी हवा) चलने के आसार बन रहे हैं। इस बदलाव का सीधा असर राज्य के तापमान पर पड़ेगा, जिससे ठंड में आंशिक बढ़ोतरी होगी और लोगों को अधिक ठिठुरन महसूस हो सकती है। बीते कुछ दिनों से रात में पछुआ हवा चलने से ठंड का असर पहले ही बढ़ चुका है। भागलपुर का सबौर सबसे ठंडा रहा, जहां साढ़े आठ डिग्री से कम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 14 दिसंबर 2025 तक उत्तर बिहार के जिलों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन हवा की दिशा बदलने से ठंड बढ़ेगी। अधिकतम तापमान 23 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तपमान अभी 8 डिग्री से ऊपर रिकॉर्ड किया जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रहती है। जबकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों में घना कोहरा छाने की अधिक आशंका है। मौसम विभाग ने दृश्यता प्रभावित होने के कारण लोगों को सुबह यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। पछुआ हवा के कारण पिछले कुछ दिनों से देर शाम और सुबह के समय लोगों को अधिक सर्दी महसूस हो रही है। दर्ज किए गए तापमान के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं।
भागलपुर का सबौर इलाका सबसे कम न्यूनतम तापमान साढ़े 8 डिग्री से भी कम पहुंच गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान की बात करें तो फारबिसगंज का टेम्प्रेचर 28 डिग्री से ऊपर रहा। पटना और पूर्णिया जैसे शहरों में दृश्यता सबसे कम 400 मीटर के आसपास रह रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की दिशा में परिवर्तन के बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। पूर्वानुमानित अवधि में उत्तर बिहार में मौसम साफ और शुष्क रहने के अनुमान को देखते हुए, किसानों को मौसम से जुड़ी गतिविधियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। पछिया हवा चलने से ठंड में बढ़ोतरी की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में बहुत जरूरी न हो तो सुबह और शाम को घर से बाहर न निकलें। हालांकि, दोपहर में अच्छी धूप भी देखने को मिल रही है।







