
पटना: जल्द ही राजमार्गों पर एक क्यूआर कोड से मेडिकल स्टोर से लेकर मैकेनिक तक की लोकेशन की जानकारी मिलने लगेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इसके लिए नई पहल शुरू करने वाला है। एनएचएआई हाईवे पर क्यूआर कोड लगाएगा। इस कोड को स्कैन करने से राहगीरों के लिए जरूरी सभी सुविधाओं और जरूरत की चीजों का पता चल जाएगा। एनएचएआई हेडक्वार्टर ने अपने सभी रीजनल प्रोजेक्ट आफिसरों को इस बारे में पत्र भेजा है।
एनएचएआई के मुताबिक वह राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों के लिए सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। राजमार्गों पर हादसे रोकने, दुर्घटना होने पर जख्मी लोगों के उपचार के लिए निकटस्थ स्थान की जानकारी देने के लिए हाईवे पर क्यूआर कोड लगाने का फैसला लिया गया है। राजमार्गों पर क्यूआर कोड एक तय अंतर पर लगाए जाएंगे। इस कोड को स्कैन करने पर हाईवे पर पेट्रोलिंग करने वाले स्टाफ, टोल प्रबंधक, प्रोजेक्ट मैनेजर, इमरजेंसी सर्विस और एनएचएआई के क्षेत्रीय दफ्तर सहित अन्य जरूरी सेवाओं के फोन नंबर मिल जाएंगे।
इस क्यूआर कोड से इलाके में स्थित हास्पिटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, टॉयलेट, पुलिस थाना, टोल प्लाजा, वाहन मैकेनिक, वाहन सर्विस सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग आदि की जानकारी मिल जाएगी। हाईवे पर लगे संकेत बोर्डों, टोल प्लाजा, हाईवे के शुरुआती व समाप्ति स्थलों और ट्रक ले-बाई स्थलों आदि पर यह क्यूआर कोर्ड अंकित होंगे। यह ऐसे लगाए जाएंगे कि राहगीरों को आसानी से नजर आएं। इस कोड के जरिए राजमार्ग परियोजना के बारे में भी प्रमुख जानकारी मिलेगी।






