पटना: उत्तर भारत समेत पूरे बिहार में इस वक्त कड़ाके की ठंड का दौर चल रहा है। उत्तर-पश्चिम से लगातार आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, जिसके चलते न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों में राज्य के कई जिलों में रात का पारा काफी नीचे तक रिकॉर्ड किया गया है। पटना में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और गया में 10.6 डिग्री दर्ज हुआ। प्रशासन ने बच्चों, बुजुर्गों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि ये ठंड अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में गया, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर समेत उत्तरी और मध्य बिहार के जिले शामिल हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र ने 11 दिसंबर तक राज्य के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज जैसे जिलों में घने कोहरे की चेतावनी है, जबकि औरंगाबाद, गया, रोहतास और कैमूर में भी कोहरे का असर दिख सकता है। सबसे कम तापमान सबौर में 8.4 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15-20 किमी/घंटा की रफ्तार वाली ठंडी पछुआ हवाएं अगले 48 घंटे तक लगातार जारी रहेंगी।
हवाओं और तापमान में गिरावट के कारण सुबह के समय घना कोहरा दिख रहा है। जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो जा रही है। विजिबिलिटी कई जिलों में 50 मीटर से भी नीचे जाने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सुबह जल्दी यात्रा करने से बचें। पटना मौसम विभाग की मानें तो अगले चार-पांच दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन 15 दिसंबर के बाद पारा एक बार फिर तेजी से गिर सकता है। हालांकि दिन में तेज धूप से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन सुबह और शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस दौरान गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने और आवश्यक न होने पर घर के अंदर रहने की सलाह दी है।







