अररिया: जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र के खाबदह कन्हैली शिव मंदिर के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने बुधवार की सुबह स्कूटी से स्कूल जा रही 24 वर्षीया शिक्षिका शिवानी कुमारी वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शिवानी कुमारी मध्य विद्यालय कन्हैली की शिक्षिका थीं और उन्होंने BPSC TRE 1 में चयनित होकर करीबन दो साल पहले स्कूल ज्वाइन किया था। शिवानी मूल रूप से उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ की रहने वाली थी। शिवानी की दो अन्य बहनें भी बिहार बीपीएससी टीआरई 1 में चयनित हुई थी। बड़ी बहन जूली कुमारी पटना जिले में दूसरी बहन समस्तीपुर जिले में और छोटी बहन शिवानी कुमारी वर्मा को अररिया जिला में पोस्टिंग मिली थी। शिवानी के परिजन बुधवार रात अररिया सदर अस्पताल शिवानी का शव लेने पहुंचे। जिसमें परिजनों ने शिवानी हत्याकांड के रहस्यों और स्थानीय दबंग द्वारा शादी के लिए परेशान करने वाले रहस्य से पर्दा उठाया। शिवानी की बहन जूली कुमारी ने बताया कि ‘एक साल से उसके स्कूल का एक टीचर रंजीत परेशान कर रहा था।
एकतरफा प्यार में मेरी बहन पर शादी का दबाव बनाने के साथ मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहता था, लेकिन शिवानी ने शादी से साफ इनकार कर दिया था। तीन महीने पहले रंजीत की शादी हो गई थी। बावजूद इसके रंजीत द्वारा शिवानी की प्रताड़ना कम नहीं हो रही थी।’ शिवानी की बहनों ने रंजीत पर शादी के लिए रिजेक्ट कर देने के कारण हत्या करवाने की आशंका जाहिर की। उन्होंने बताया कि शिवानी नौकरी के साथ ही यूपीएससी की तैयारी में भी जुटी थी। स्कूल में योगदान के बाद से ही रंजीत उसे परेशान करता था। रंजीत को शिवानी ने इनकार कर दिया था।बावजूद इसके वो आते-जाते शिवानी को परेशान करता था।जुली शिवानी हत्याकांड में स्कूल के प्रिंसिपल उमेश कुशवाहा का भी हाथ होने की आशंका जाहिर की।उन्होंने बताया कि रंजीत के बारे में पुलिस कम्प्लेन से उमेश कुशवाहा हमेशा उन्हें बचाया करता था। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले शिवानी ने प्रिंसिपल से स्पेशल लीव मांगी थी, लेकिन उन्होंने बीपीएससी शिक्षक को एसएल नहीं मिलने की बात कहकर छुट्टी देने से साफ मना कर दिया था। जिसको लेकर डीईओ के पास शिकायत करने पर डीईओ ने प्रिंसिपल को फटकार भी लगाई थी।
इसका बदला लेने के लिए बहन की हत्या करवाने की आशंका जाहिर की। शिवानी पहले फारबिसगंज में महाराणा प्रताप चौक के पास किराए के एक मकान में रहती थी। बाद में वह अस्पताल रोड में रहने लगी थी। उसके मकान मालिक ने भी शिवानी के स्वभाव की प्रशंसा की और कहा कि शिवानी सुबह साढ़े आठ बजे स्कूटी से निकलती थी और पांच बजे के करीब वापस आती थी। वह अपने कमरे में खाली समय में पढ़ाई करती रहती थी।पुलिस ने उसके कमरे की परिजनों के समक्ष तलाशी ली तो उसके कमरे से प्रतियोगिता परीक्षा के मैगजीन, नोट्स, कई किताबें मिलीं। पुलिस शिवानी के मोबाइल को कब्जे में लेकर उससे सुराग का पता लगाने में जुटी है। अपराधियों ने शिवानी को तीन गोलियां गर्दन और कनपटी पर मारी थी। एक बाइक पर सवार दो अपराधी थे। जो शिव मंदिर के पास पीछा करते हुए उसके नजदीक पहुंचे और उसकी स्कूटी रुकवाई। इसके बाद उन्होंने शिवानी से हेलमेट हटाने को कहा। जैसे ही उसने ऐसा किया, अपराधियों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। शिवानी की वहीं सड़क पर गिर कर मौत हो गई और अपराधी फरार हो गए।







