
पश्चिम चंपारण: पश्चिम चंपारण जिले के सहोदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनबैरिया गांव शादी की रौनक से गुलजार था। घर-आंगन सज चुके थे, बारात बैतापुर गांव से धूमधाम के साथ पहुंच चुकी थी। लेकिन द्वारपूजा की रस्म के दौरान ऐसा मोड़ आया कि खुशियों का माहौल मिनटों में मातम और अफरातफरी में बदल गया। जब मंडप में दुल्हन और दूल्हा आमने-सामने आए, तभी महिलाओं के बीच फुसफुसाहट शुरू हो गई। दुल्हन को भनक लगी कि दूल्हा एक आंख से दिव्यांग है और उसके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पहले से ही संदेह था। दूल्हे ने चश्मा पहनकर अपनी कमी छुपाई थी।
सच सामने आते ही दुल्हन दंग रह गई और वहीं खड़े-खड़े शादी से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन ने परिजनों से कहा मुझे धोखे में रखकर शादी नहीं करवाई जा सकती, चाहे कुछ भी हो जाए मैं यह विवाह नहीं करूंगी। जब दबाव बढ़ा तो उसने खुदकुशी की चेतावनी देकर सभी को चुप करा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प की नौबत आ गई। बारातियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और गांव का माहौल तनाव से भर गया। जानकारी मिलते ही सहोदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बीच-बचाव कर हालात को काबू में किया।
करीब दो घंटे चली पंचायत और बातचीत में दुल्हन के भाई ने भी बहन का समर्थन करते हुए कहा कि सच छुपाकर शादी नहीं हो सकती, और अगर किसी ने दबाव बनाया तो बड़ी घटना हो सकती है। इसके बाद मामला शांत कराया गया। आख़िरकार बारात बिना दुल्हन के ही बैतापुर गांव वापस लौट गई। एक पल में खुशियों से भरे गांव में सन्नाटा छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि शादी जैसे बड़े फैसले में पारदर्शिता और सहमति सबसे महत्वपूर्ण है वरना छोटी-सी बात भी बड़ी परेशानी का रूप ले सकती है।






