
पटना: बिहार की सियासत से जुड़ा सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार इन दिनों गंभीर पारिवारिक विवाद से जूझ रहा है। RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की ओर से भाई तेजस्वी यादव और उनके नजदीकी सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रोहिणी के आरोपों ने पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और नेतृत्व शैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रोहिणी पटन से सिंगापुर चली गई हैं। इधर रोहिणी के जाने के बाद लालू यादव की तीन और बेटियां घर छोड़कर चली गई हैं। रोहिणी आचार्य ने रविवार को एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि जिस किडनी को उन्होंने पिता लालू यादव को दिया, उसे उनके सामने ‘गंदी किडनी’ कहा गया। साथ ही उन पर करोड़ों रुपये लेने और लोकसभा टिकट मांगने का भी आरोप लगाया गया।
इसी बीच लालू यादव की तीन और बेटियां रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी अपने बच्चों के साथ पटना स्थित माता-पिता का घर छोड़कर दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। राजद से पहले ही अलग हो चुके तेज प्रताप यादव ने इस पूरे विवाद में खुलकर बहन रोहिणी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ‘जो मेरी बहन के साथ हुआ, वह असहनीय है। मेरे साथ जो भी हुआ, सह लिया, लेकिन उसकी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं होगी। इस अन्याय का अंजाम बहुत भयानक होगा।’ तेज प्रताप ने बिना नाम लिए ‘जयचंदों’ पर परिवार को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने लालू यादव से अपील करते हुए कहा, ‘एक इशारा कर दीजिए, बिहार की जनता खुद इन जयचंदों को दफना देगी। यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, परिवार की इज़्ज़त और बेटी के सम्मान की है।’ रोहिणी ने भावुक होकर कहा कि शादीशुदा महिलाओं को अपने मायके के लिए इतना आगे नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि किडनी देने से पहले उन्हें पति और ससुराल वालों से पूछना चाहिए था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें गालियां दी गईं, अपमानित किया गया और चप्पल उठाकर मारने की कोशिश की गई। रोहिणी ने संजय यादव और रमीज खान को सीधे दोषी बताया। पूरे प्रकरण पर लालू यादव, तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पार्टी भी पूरी तरह शांत है। सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी द्वारा पार्टी की कमान संभालने के बाद से ही भाई-बहनों में असहमति बढ़ रही थी, जो चुनावी हार के बाद खुलकर सामने आ गई। हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में RJD महागठबंधन का नेतृत्व कर रही थी, लेकिन पार्टी 143 में से सिर्फ 25 सीटें ही जीत पाई। इस हार ने तेजस्वी की रणनीति और सलाहकारों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब वही असंतोष परिवार की लड़ाई का रूप ले चुका है। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू यादव की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा ‘रोहिणी पूरे बिहार की बेटी है। लालू जी, आप क्यों चुप हैं? कृपया इस पर कुछ कहिए।’






