पटना: बिहार में हुए पिछले दो विधानसभा चुनावों की मतगणना बहुत उतार-चढ़ाव वाली रही है। 2020 की मतगणना तो टी-20 मैच की तरह पल-पल रंग बदलती रही। इन चुनावों में वोटों की गिनती, मोतीचूर के लड्डू और जश्न की उलटबांसी ने एक रोमांचक परिदृश्य का निर्माण किया। 10 नवम्बर, 2020, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे से ही शुरू है। शुरुआती रुझानों के बाद राजद में जश्न को माहौल है। समय आगे बढ़ता है। सुबह के साढ़े दस बजते हैं। राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थिति आवास पर शुरू हुआ जश्न का माहौल अचानक थम जाता है। रुझानों में अब एनडीए आगे बढ़ने लगा था। वह महागठबंधन के बराबर पहुंच गया था। शंका-आशंका के बीच राजद का जश्न रुक गया। चूंकि अभी पहले राउंड की गिनती हुई है, इसलिए राजद सतर्क हो जाता है। भाजपा भी पिछली बार की गलती से सबक सीख कर एहतियात बरत रही है।
लोजपा में थोड़ा उत्साह है। 11 बजे के आसपास उसके 8 उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। साढ़े ग्यारह- पौने बारह बजे के आसपास मतगणना के रुझानों में एनडीए बहुमत का आंकड़ा के पास पहुंचता दिखने लगता है। सवा बारह बजे के आसपास मतों की गिनती के रुझान के मुताबिक, एनडीए 129 सीटों पर आगे चल रहा है। महागठबंधन 101 सीटों पर आगे चल रहा है। लोजपा चार सीटों पर आगे चल रही है। 12 बजे के बाद मुकाबला कांटे का हो जाता है। 70 ऐसी सीटें सामने आती हैं, जहां पहले और दूसरे प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर एक हजार वोटों से कम है। साढ़े बारह बजे के आसपास चुनाव आयोग की तरफ से बताया जाता है कि अंतिम नतीजों के आने में देरी हो सकती है। यह देरी इसलिए होगी क्योंकि कोरोना संकट के कारण मतगणना केंद्र की संख्या करीब 46 फीसदी बढ़ा दी गयी है। इसकी वजह से मतों की गिनती धीरे-धीरे हो रही है। 54 सीटों पर मतों का अंतर एक हजार से कम है। 28 सीटों पर मतों का अंतर तो केवल 5 सौ का है। ऐसे में कौन जीतेगा, कौन हारेगा इसको लेकर धुकधुकी लगी हुई है।
दिन के करीब दो बजने वाले हैं। मतगणना के ताजा रुझान दिखाये जा रहे हैं। अब एनडीए 130 सीटों पर और महागठबंधन 102 सीटों पर आगे हैं। करीब ढाई बजे रूझानों में बढ़त हासिल करने के बाद भाजपा में जश्न का माहौल बनने लगता है। शाम 5 बजे के आसपास बिहार भाजपा ऑफिस में जश्न की तैयारी शुरू होने लगती है। सरकार बनने के आसार दिखने लगते हैं। एनडीए 124, जबकि महागठबंधन 110 सीटों पर आगे चल रहा है। एक अणे मार्ग स्थित नीतीश कुमार के आवास पर लड्डू बंटने लगे। और आखिर में एनडीए की सरकार बन जाती है। मतों की गिनती का मतलब किसी की जीत या किसी की हार। जहां जीत है वहां जश्न भी है। चूंकि अभी जीत या हार का अभी सिर्फ अनुमान लगाया जा रहा है, इसलिए दोनों पक्ष अपनी-अपनी तैयारी में लगे हैं। जीत किसी की भी हो लड्डू की दुकानों पर तो भीड़ लगेगी ही। मोतीचूर के लड्डू की सबसे अधिक मांग रहती है। पार्टी कार्यालय के अलावा कार्यकर्ता भी अपने स्तर पर मिठाई की खरीद करते हैं। किसी दुकान में अग्रिम ऑर्डर मिला है तो कहीं अनुमान के आधार पर मिठाई तैयार हो रही है। अनुमान है कि पटना की विभिन्न दुकानों में करीब 60-70 क्विंटल लड्डू की बिक्री हो सकती है।







