पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद अब रिजल्ट की बारी है। चुनाव आयोग के मुताबिक दो चरण का मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। बिहार में इस बार वोटिंग का नया रिकॉर्ड बना। दोनों फेज को मिलाकर 66.90 प्रतिशत मतदान हुआ। 2020 की तुलना में 9 फीसदी अधिक है। पहले चरण में करीब 65 प्रतिशत और दूसरे चरण में 69.90 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला। जो अपने आप में एक मिसाल है। अब सबकी की निगाहें 14 नवंबर पर टिकी है। जब राज्य की 243 सीटों के लिए मतगणना की जाएगी। ये दिन तय करेगा कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक और कार्यकाल हासिल करेंगे या पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन सत्ता संभालेगा।
वोटों की गिनती सुबह से ही शुरू हो जाएगी, जिसके बाद शुरुआती रुझान आने शुरू हो जाएंगे। फाइनल रिजल्ट शाम तक आने की संभावना है। वोटों की गिनती 14 नवंबर 2025 को तय है। चुनाव आयोग के मुताबिक, मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी। इस बार पोस्टल बैलेट गिनने के नियम को बदला गया है, आखिरी दो राउंड की काउंटिंग से पहले पोस्टल गिने जाएंगे। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ेगी, सीटों के रुझान और नतीजे साफ होते जाएंगे। उम्मीद है कि दोपहर तक सरकार और सीटों की तस्वीर साफ हो जाएगी। परिणामों के सबसे तेज और आधिकारिक अपडेट के लिए भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India- ECI) की वेबसाइट (results.eci.gov.in) पर देक सकते हैं। इसके अलावा, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी लाइव रुझान उपलब्ध होंगे।
सभी प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार चैनल (टीवी और यूट्यूब) के साथ नवभारत टाइम्स की वेबसाइट https://navbharattimes.indiatimes.com/ या nbt.in पर मतगणना की लाइव कवरेज देख सकते हैं। चुनावी नतीजों को अपने मोबाइल पर ट्रैक करने के लिए सभी बड़े न्यूज वेबसाइट्स और उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर लगातार अपडेट्स जारी किए जाएंगे। ECI का ‘वोटर हेल्पलाइन’ ऐप भी रिजल्ट को ट्रैक करने का एक भरोसेमंद डिजिटल माध्यम है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के लिए सभी जिलों में काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। हर विधानसभा क्षेत्र (कुल 243 सीटें) के लिए मतगणना उसी जिले में आयोजित की जाती है, जिसके लिए एक या एक से अधिक काउंटिंग सेंटर बनाए जाते हैं। सामान्य तौर पर, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कम से कम एक काउंटिंग सेंटर होता है और कभी-कभी सुरक्षा या भीड़ की वजह से एक जिले में कई काउंटिंग सेंटर बनाए जाते हैं।







