पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले प्रचार का शोर थम गया है। अब सभी की निगाहें 11 नवंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। दूसरे चरण में राज्य के 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और रोहतास शामिल हैं। इस अंतिम चरण में महिला और सीमांचल के वोटरों के पास सत्ता की चाबी है। जिस दल के खाते में ये वोटर होंगे, उसकी सरकार बनने के ज्यादा चांस होंगे। पहले चरण की तरह इस बार भी महिला मतदाता अहम भूमिका में हैं। 6 नवंबर को हुए पहले चरण में रिकॉर्ड 65 फीसदी से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई थी। पहले चरण में भी महिला मतदाताओं ने पुरुषों के मुकाबले ज्यादा मतदान किया।
इसके बाद दूसरे चरण में सभी दलों के नेताओं ने महिला वोटरों को साधने पर खास ध्यान दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहां अपनी सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं को गिनाते नजर आए, वहीं तेजस्वी यादव ने ‘माई बहिन योजना’ के तहत महिलाओं के खातों में 30 हजार रुपये सालाना देने का वादा दोहराया। भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में कुल 3,70,13,556 मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 1,74,68,572 महिलाएं शामिल हैं। इस चरण में 1302 उम्मीदवार (1165 पुरुष और 136 महिलाएं) अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में दो लाख से अधिक वोटर हैं। सबसे ज्यादा 22 प्रत्याशी चैनपुर, सासाराम और गया सीटों पर मैदान में हैं, जबकि सबसे कम पांच प्रत्याशी लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज और बनमखी से चुनाव लड़ रहे हैं। बिहार चुनाव का दूसरा चरण सीमांचल और दक्षिण बिहार के कई अहम जिलों को कवर करता है। 2020 विधानसभा चुनाव में सीमांचल में एनडीए ने 67 सीटें, जबकि महागठबंधन ने 50 सीटें जीती थीं। वहीं, एआईएमआईएम (AIMIM) ने सीमांचल क्षेत्र की पांच सीटें जीतकर विपक्ष को नुकसान पहुंचाया था।
महागठबंधन की ओर से राजद (70), कांग्रेस (37) और वीआईपी (8) उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि सीपीआई (एमएल), सीपीएम और सीपीआई क्रमशः 5, 4 और 2 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। कुछ सीटों पर गठबंधन के भीतर ‘फ्रेंडली फाइट’ भी देखने को मिलेगी, जिनमें चैनपुर, नरकटियागंज और सुल्तानगंज प्रमुख हैं। वहीं, एनडीए की ओर से भाजपा (52), जदयू (45) और लोजपा (रामविलास) (16) सीटों पर मुकाबले में हैं। इसके अलावा हम (6) और आरएलएम (4) ने भी उम्मीदवार उतारे हैं। एनडीए अपने सहयोगियों चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के प्रभाव वाले समुदायों में वोट ट्रांसफर पर भरोसा कर रहा है। इस चरण में कई मौजूदा मंत्री भी दोबारा विधानसभा में पहुंचने की कोशिश में हैं, जिनमें विजेंद्र यादव (सुपौल), सुमित कुमार सिंह (चकाई), नीतीश मिश्रा (जमुई), जयंत राज (अमरोपुर), नीरज कुमार सिंह बबलू (छातापुर) और जमां खान (चैनपुर) शामिल हैं।







