पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के दौरान ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की तस्वीरें खींचने और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि ये मामले 6 नवंबर को मतदान वाले दिन आरा, गोपालगंज और सारण जिलों में दर्ज किए गए। अधिकारियों के अनुसार, गोपालगंज में दो और आरा व सारण में एक-एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। संबंधित जिलों की पुलिस ने अपने बयानों में स्पष्ट किया कि मतदान के दौरान ईवीएम की तस्वीरें खींचना और सोशल मीडिया पर पोस्ट करना आदर्श आचार संहिता और अन्य कानूनी प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन है। बिहार में अब दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। ऐसे में पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं और अन्य सभी वोटरों को निर्वाचन आयोग के नियमों की सही जानकारी होना आवश्यक है, अन्यथा वे मुश्किल में पड़ सकते हैं।
नाम और केंद्र की पुष्टि: मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले मतदाता सूची में अपना नाम और मतदान केंद्र (पोलिंग सेंटर) की जानकारी ECI की वेबसाइट पर चेक कर लें। मतदान का समय: अपने मतदान केंद्र पर मतदान के घंटों की जानकारी रखें। जरूरी दस्तावेज़ साथ रखें: मतदान केंद्र जाने से पहले अपना Voter ID (EPIC कार्ड) या चुनाव आयोग से अनुमोदित अन्य पहचान पत्र (जैसे आधार, पैन कार्ड आदि) साथ रखें। नियमों का पालन: मतदान केंद्र पर लगाए गए नियमों का पालन करें और अपनी बारी का इंतजार करें। VVPAT सत्यापन: वोट डालने के बाद EVM से जुड़ी VVPAT मशीन में अपनी पर्ची देखकर वोट को सत्यापित (Verify) करें। यदि कोई विसंगति हो तो तुरंत पीठासीन अधिकारी को रिपोर्ट करें। यह समझना महत्वपूर्ण है कि मतदान केंद्र एक प्रतिबंधित क्षेत्र है और किसी भी नियम के उल्लंघन पर पुलिस द्वारा दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
जैसा हाल ही में चार लोगों के खिलाफ हुई है। मोबाइल फोन का उपयोग: मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल न करें। सेल्फी और कैमरा: मतदान केंद्र के अंदर और बाहर सेल्फी लेना और कैमरे का उपयोग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। वोट डालने के बाद भी प्रतिबंधित क्षेत्र के अंदर फोटो लेने से बचें। हालांकि सेल्फी के लिए कुछ पॉइंट बनाए जाते हैं। वहीं सेल्फी ले सकते हैं। दूसरे मतदाता की पहचान न लें: किसी अन्य मतदाता का रूप धारण करने की कोशिश न करें। यह एक आपराधिक अपराध है। इसके लिए कारावास हो सकता है। राजनीतिक सामग्री: मतदान केंद्र पर किसी राजनीतिक दल या नेता का प्रतीक (Symbol) दर्शाने वाली कोई भी सामग्री न लाएं। बहस से बचें: मतदान केंद्र पर किसी के साथ बहस या झगड़े में शामिल होने से बचें। किसी भी कठिनाई के मामले में पुलिस या चुनाव अधिकारियों से मदद लें। एक से अधिक बटन: वोट देते समय एक से अधिक बटन दबाने की कोशिश न करें। बता दें, बिहार विधानसभा के लिए दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। राज्य में सत्तारूढ़ एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी इस बार तीसरी ताकत के रूप में मैदान में उतर रही है।







