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सीता की नगरी से पीएम मोदी ने महिलाओं को सौंपी NDA की जीत की कमान

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From Sita's city, PM Modi handed over the command of NDA's victory to women.

सीतामढ़ी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को मां सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी से महिलाओं के हाथ में एनडीए के जीत की लगाम सौंपते कहा कि महागठबंधन से यहां की जनता को छुटकारा दिलाना आपके हाथ है। ‘कट्टा और दोनाली’ वालों के राज से बचाएंगे, तभी बिहार का बच्चा रंगदार नहीं बन सकता, डॉक्टर बनेगा, इंजीनियर बनेगा, अदालत में जज बनेगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज के संबोधन में बिहार के भविष्य के प्रति महिलाओं को सचेत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चुनाव के प्रथम चरण में लीड लेने का क्रेडिट आधी आबादी को देते कहा कि बिहार पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के लिए आपका आभारी है। बिहार की बहन-बेटियों ने भरोसा दिलाया कि मां सीता के आशीर्वाद से बिहार विकसित होगा। बिहार की बहनों-बेटियों ने भी NDA की रिकॉर्ड विजय पक्की कर दी है। हम आज सीतामढ़ी में जो माहौल देख रहे हैं, वो दिल को छूने वाला है। ये माहौल भी इस बात का संदेश दे रहा है कि ‘नहीं चाहिए कट्टा सरकार, फिर एक बार NDA सरकार। पीएम नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन को आरोपों के घेरे में लेते कहा कि आरजेडी वाले बिहार के बच्चों के साथ क्या करना चाहते हैं, ये उनके नारे में साफ साफ दिख जाता है। आरजेडी के मंचों से साफ-साफ कहलवाया जा रहा है, उन्हें रंगदार बनना है।

फिर पीएम मोदी ने रैली में आए लोगों से ही पूछा कि ‘आप मुझे बताइए बिहार के बच्चे को रंगदार बनना चाहिए या डॉक्टर बनना चाहिए? क्या रंगदार बनाने वालों को जीतने देंगे। बिहार का बच्चा रंगदार नहीं बन सकता, डॉक्टर बनेगा, इंजीनियर बनेगा, अदालत में जज बनेगा। बिहार में हैंड्स अप कहने वालों की जगह नहीं है, स्टार्ट अप की जगह होगी। हम बच्चों के हाथ में किताबें, कंप्यूटर, लैपटॉप दे रहे हैं। हमारे बच्चे खेल में आगे बढ़ें, इसलिए हम उन्हें बैट, हॉकी स्टिक, फुटबॉल और वालीबॉल दे रहे हैं। जंगलराज का मतलब है – कट्टा, क्रूरता, कटुता, कु:संस्कार, करप्शन। ये कु:संस्कार से भरे हुए लोग हैं, कुशासन का राज चाहते हैं।’ आधी आबादी के बाद प्रधानमंत्री ने धर्म रथ का पहिया घुमाते हुआ कहा कि 8 नवंबर, 2019 को माता सीता की इस धरती पर आया था। यह वही समय था कि उसके अगले ही दिन मुझे पंजाब में करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लोकार्पण के लिए निकलना था। अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या पर फैसला भी आना था। उस वक्त ही प्रार्थना किया कि सीता मैया फैसला रामलला के पक्ष में आए और ऐसा ही हुआ। आज मां सीता की इस पुण्य भूमि पर आया हूं, आपका आशीर्वाद ले रहा हूं। और कह रहा हूं कि मां सीता के आशीर्वाद से ही बिहार विकसित बिहार बनेगा।

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और ये चुनाव तय करेगा कि आने वाले सालों में बिहार के बच्चों का भविष्य क्या होगा? दरअसल सीतामढ़ी में सीटों की संख्या बढ़ने का स्पेस है। गत चुनाव में एनडीए ने सात विधानसभा सीटों में पांच पर विजय प्राप्त की थी। रीगा विधानसभा से बीजेपी के मोतीलाल प्रसाद बथनाहा से बीजेपी के अनिल कुमार परिहार से बीजेपी की गायत्री देवी, सीतामढ़ी से बीजेपी के मिथिलेश कुमार और सुरसंड से जदयू के दिलीप कुमार ने जीत दर्ज की थी। एनडीए ने दो सीटों को गंवाया था। बाजपट्टी से राजद के मुकेश यादव और बेलसंड से राजद के संजय गुप्ता ने जदयू के उम्मीदवार को हराया था। एनडीए का प्लान सीतामढ़ी में महागठबंधन को सात शून्य पर लाने का रिकॉर्ड बनाने का है। इसके लिए बाजपट्टी और बेलसंड पर जीत का समीकरण तैयार करना है। बाजपट्टी में जदयू की रंजू गीता मात्र तीन हज़ार मतों से हरी थी। जबकि वर्ष 2020 में लोजपा गठबंधन से अलग लड़ी थी और उसके उम्मीदवार इंतखाब आलम को 6 हजार से ज्यादा मत आया था और आर अल एस पी के उम्मीदवार को 11 हजार से ज्यादा मत आए थे। वर्ष 2025 विधानसभा के चुनाव में राष्ट्रीय लोक मोर्चा और लोजपा (रामविलास) दोनों एनडीए में है। बेलसंड में भी वर्ष 2020 के चुनाव में जेडीयू की सुनीता चौहान 14 हजार मतों के अंतर से हारी थी। तब कुशवाहा की पार्टी के ठाकुर धर्मेंद्र सिंह को 18999 मत मिला था। एनडीए के रणनीतिकारों ने सीतामढ़ी के सातों सीटों पर जीत का संभावना देखी और पीएम का यहां कार्यक्रम तय किया। अब देखना होगा कि पीएम नरेंद्र मोदी का कितना प्रभाव पड़ता है।

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