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विकास कार्यों की कमी से नाराज वोटर, बोले — अबकी बार नहीं चलेगी जात की बात

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Voters upset over lack of development work, say caste issues won't work this time

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच कई उम्मीदवारों को इस बार जनता के कड़े विरोध और गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। ‘जात पर नो बात’ की तर्ज पर मतदाता अब सड़कों, पानी, और विकास जैसे मूलभूत मुद्दों पर प्रत्याशियों को घेर रहे हैं। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी और बिहार सरकार के मंत्री महेश्वर हजारी को पिछले दिनों चुनाव प्रचार के दौरान भारी विरोध झेलना पड़ा। जब मंत्री प्रचार कर रहे थे, तो गुस्साई जनता ने उनके सामने ही जदयू के झंडे फाड़ दिए और “महेश्वर हजारी मुर्दाबाद” के नारे लगाए। स्थिति बिगड़ती देख मंत्री को बिना प्रचार किए ही वापस लौटना पड़ा। इस विरोध के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हायाघाट सीट से भाजपा विधायक रामचंद्र प्रसाद को भी जनता का भारी विरोध झेलना पड़ रहा है।

गांव में आते ही उन्हें “मुर्दाबाद” और “वोट नहीं देंगे” के नारों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले पांच सालों में उन्होंने सड़कें, नालियाँ, और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस विकास कार्य नहीं किया। गया जिले के वजीरगंज में भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह को भी विरोध का सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार को दौरान उन्हें कई गांव में तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है और कई जगहों पर ग्रामीणों ने उन्हें गांव से बाहर तक कर दिया। जातीय समीकरणों के साथ-साथ, स्थानीय लोग उन्हें “बाहरी उम्मीदवार” बताकर विरोध कर रहे हैं। लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के क्षेत्र में विकास कार्य होने के बावजूद, उनके प्रति भी जनता की नाराजगी साफ दिख रही है। विजय कुमार सिन्हा के समर्थकों का आरो है कि कांग्रेस प्रत्याशी अमरेश कुमार उर्फ अनीश के इशारे पर विरोध किया गया। वहीं, पूर्व सांसद आनंद मोहन अपने बेटे और जेडीयू चेतन आनंद के लिए नवीनगर में प्रचार कर रहे हैं, लेकिन वहां भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। क्षेत्र में प्रचार के लिए एक सभा में जब आनंद मोहन ने नीतीश कुमार की ओर से “पूरे बिहार का विकास” करने की बात कही, तो ग्रामीणों ने सीधा सवाल दाग दिया कि उनके गांव में क्या हुआ?

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रोहतास जिले के डेहरी में राजद विधायक फतेह बहादुर सिंह को भी अपने क्षेत्र में विरोध का सामना करना गड़ा। फतेह बहादुर सिंह जब जनसंपर्क यात्रा पर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और जमकर नारेबाजी की। माहौल इतना तनावपूर्ण हुआ कि उन्हें गांव से निकलना पड़ा। नवादा के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के तुलापुर में राष्ट्रीय जनता दल के एक सहायक पर हमला किया गया और उनके प्रचार वाहन में तोड़फोड़ की गई। इस मामले में 11 नामजद और 16 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नवादा से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 28 अक्टूबर 2025 को शाम करीब 05:30 बजे हुई। आरजेडी सहायक ने वारिसलीगंज थाने में मारपीट, गाली-गलौज और वाहन में तोड़फोड़ को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। कटिहार जिले की बलरामपुर सीट से भाकपा माले विधायक महबूब आलम भी अपने क्षेत्र में नाराजगी का सामना करना पड़ा। महबूब आलम कांग्रेस नेता तारिक अनवर के साथ प्रचार के लिए पहुंचे थे, तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद उन्होंने कभी क्षेत्र की सुध नहीं ली।

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