
Chhath Puja 2025: बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ अपने चरम पर है. रविवार को खरना के साथ 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरुआत हो गई और अब सोमवार की शाम से ‘डूबते सूर्य को अर्घ्य’ देने की तैयारी है. इस बार राज्यभर में करीब 8500 घाटों पर श्रद्धालु व्रती अर्घ्य देंगे, जिनकी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं.
सोमवार को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, सुकर्मा योग और रवियोग के संयोग में डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि मंगलवार 28 अक्टूबर की सुबह सप्तमी तिथि में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा. यह अर्घ्य त्रिपुष्कर, रवियोग, धृति योग और अमलाकृति योग जैसे विशेष संयोगों में संपन्न होगाराजधानी पटना में आज शाम 5 बजकर 11 मिनट पर सूर्यास्त होगा। गया में भी यही समय रहेगा. भागलपुर में शाम 5:04 बजे, पूर्णिया में 5:02 बजे और पश्चिम चंपारण में 5:12 बजे सूर्य अस्त होगा. मुजफ्फरपुर में 5:10, सारण और दरभंगा में 5:08, सुपौल में 5:06 और अररिया में 5:01 बजे सूर्य डूबेगा. वहीं, दक्षिणी बिहार के जिलों में सूर्यास्त थोड़ा देर से होगा—रोहतास और औरंगाबाद में 5:17 बजे, कैमूर में 5:18 बजे और बक्सर में 5:16 बजे.
उत्तरी बिहार के जिलों में यह समय थोड़ा पहले का रहेगा. मधुबनी में सूर्य 5:07 पर, सीतामढ़ी और वैशाली में 5:09 से 5:11 के बीच, जबकि गोपालगंज और सिवान में 5:13 से 5:14 के बीच अस्त होगा. समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय और जमुई जैसे जिलों में 5:07 से 5:09 के बीच सूर्यास्त होगा.






