मुजफ्फरपुर: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार को उम्मीदवारों की नई सूची जारी की। इस सूची में मुजफ्फरपुर जिले की तीन सीटों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं, जबकि आठ सीटों पर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है। बीजेपी ने औराई विधानसभा सीट से बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व मंत्री रामसूरत राय का टिकट काट दिया है। उनकी जगह पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. कैप्टन जय नारायण निषाद की बहू और पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी रमा निषाद को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने साहेबगंज से पर्यटन मंत्री राजू सिंह और बरूराज से विधायक अरुण सिंह पर दोबारा भरोसा जताया है।
टिकट मिलने के बाद रमा निषाद ने कहा कि ‘पार्टी ने मुझे सिपाही बनाकर कमल खिलाने का मौका दिया है। किसी से कोई नाराजगी नहीं है। मेरे ससुर कैप्टन साहब ने जो सम्मान साहनी समाज को दिलाया, वैसा काम मुकेश साहनी ने कभी नहीं किया। वे केवल हवा-हवाई नेता हैं, जिन्होंने समाज के लिए कुछ नहीं किया।’ हाल ही में पूर्व सांसद अजय निषाद ने अपनी पत्नी के साथ बीजेपी में वापसी की थी। पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे और बीजेपी के खिलाफ लड़े थे, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से वे लगातार पार्टी में लौटने की कोशिश में थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने रमा निषाद को टिकट देकर निषाद समाज को साधने की कोशिश की है, जो उत्तर बिहार की कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। साथ ही, इसे पार्टी संगठन के भीतर संतुलन और नई सोच लाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। बीजेपी के इस फैसले से जिले की राजनीति में नई हलचल है। रमा निषाद के समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिख रहा है, जबकि रामसूरत राय के समर्थक नाराज हैं। पार्टी का यह कदम बताता है कि इस बार बीजेपी जातीय समीकरण और सशक्त महिला नेतृत्व दोनों को साथ लेकर मैदान में उतरने की तैयारी में है। फिलहाल, मुजफ्फरपुर जिले की शेष आठ सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा बाकी है। आने वाले दिनों में इन नामों पर फैसला होते ही जिले की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।







