पटना: चिराग पासवान को अपनों की ही नजर लग गई। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने लोजपा(आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को 29 सीटों का तोहफा क्या दिया, न केवल राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज हुए बल्कि साथी दल HAM के संस्थापक अध्यक्ष जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा तक भड़क गए। सबका यही मानना है कि सीट बंटवारे में चिराग पासवान को ज्यादा तरजीह दी गई। इसका असर भी दिखा जब बीजेपी ने 71 सीटों की सूची जारी की तो उसमें चार सीटें वो भी शामिल थीं, जिसे बीजेपी ने लोजपा के खाते में डाला था। जानिए वो सीटें जो लोजपा (आर) के खाते से उड़ा ली गईं।
ये भी कह सकते हैं कि इन चार सीटों पर चिराग पासवान बगैर चुनाव लड़े ही हार गए। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से समझौते के बाद जो सीटें लोजपा को दी गई थी उनमें लालगंज भी शामिल था। लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ साथ अन्य साथी दल की नाराजगी के बाद लालगंज सीट बीजेपी ने अपने खाते में लेकर उम्मीदवार की घोषणा भी कर दी। बीजेपी लालगंज से संजय सिंह को चुनाव लड़ाने जा रही है। लोजपा की 29विधानसभा की सूची में अरवल विधानसभा भी शामिल था। चर्चा यह थी कि हुलास पांडेय ब्रह्मपुर से नहीं अरवल से लड़ाया जायेगा। पर कल बीजेपी ने अरवल विधानसभा से मनोज शर्मा को चुनावी रण में उतार दिया। दानापुर विधानसभा सीट के बारे में भी कहा जा रहा है कि वो लोजपा की लिस्ट में शामिल थी। चर्चा यह थी कि दानापुर से रामकृपाल यादव के पुत्र अभिमन्यु को लोजपा लड़ाएगी।
पर कल जो सूची जारी हुई उसने बीजेपी ने रामकृपाल यादव को ही टिकट दे डाला। लोजपा की दी गई 29 सीटों की सूची में नवादा जिला का हिसुआ विधानसभा भी था। पर बीजेपी की जारी सूची में हिसुआ विधानसभा सीट से अनिल सिंह का नाम है। ये वही अनिल सिंह हैं जो हिसुआ विधानसभा से 2005, 2010 और 2015 का विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में अनिल कांग्रेस उम्मीदवार से हार गए थे। लोजपा रामविलास की सूची में तो गया विधानसभा को भी शामिल कर दिया गया था। इस पर गया के विधायक प्रेम कुमार काफी नाराज भी हुए थे। लेकिन कल जारी सूची में गया शहरी विधानसभा सीट से प्रेम कुमार का ही नाम था।







