पटना: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है। यह विधायक हैं पटना जिले के कुम्हरार विधानसभा सीट से लगातार चार बार जीत हासिल करने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण कुमार सिन्हा। उन्होंने आज सुबह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि मैं आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के रूप में चुनाव नहीं लडूंगा लेकिन संगठन के लिए कार्य करता रहूंगा।
इधर, वर्तमान विधायक अरुण कुमार सिन्हा के इस एलान के बाद सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों की मानें तो चुनाव समिति की बैठक में उनके नाम कटने की बात पर चर्चा हुई थी। कारण उनकी उम्र सीमा थी। इस सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय के नाम की चर्चा चल रही है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि भाजपा के सिर्फ नेतृत्व ने मंगल पांडे को इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें कुम्हरार और सीवान सदर से चुनाव लड़ने का ऑफर भी दिया है।
फिलहाल वह विधान परिषद सदस्य हैं। इस बार खुद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र में मंगल पांडेय की अच्छी पकड़ मानी जा रही है। बता दें कि कुम्हरार विधानसभा भारतीय जनता पार्टी की पारंपरिक सीटों में से एक है। जातीय गणना से पहले कायस्थ बहुल माने जाने वाली इस सीट पर 2010, 2015 और 2020 में अरुण सिन्हा विधायक बने। 427427 आबादी वाली इस विधानसभा में अगड़ी जातियों में पार्टी की अच्छी पकड़ है। विपक्षी दलों ने इस सीट पर कभी-कभी दांव लगाया है, लेकिन कभी मजबूत चुनौती नहीं पेश की है कि भाजपा पकड़ को तोड़ सके।







