छपरा: बिहार के छपरा में एक व्यवसायी की चाकू से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना बुधवार देर रात को हुई, जब अज्ञात युवकों ने अमनौर के हरनारायण गांव निवासी सोनू कुमार (34 वर्ष), पुत्र सुनील जायसवाल, की बेरहमी से हत्या कर दी। सोनू अमनौर बाजार में “दिल्ली मोबाइल शॉप” नाम से मोबाइल फोन और एक्सेसरीज़ की दुकान चलाते थे। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद तीन अज्ञात युवक सोनू को लहूलुहान स्थिति में अमनौर बाजार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही युवक सोनू को छोड़कर मौके से फरार हो गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण सोनू की मौत बीच रास्ते में ही हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही अमनौर बाजार में अफरा-तफरी का माहौल फैल गया। स्थानीय दुकानदार, व्यवसायी और ग्रामीण अस्पताल में इकट्ठा हो गए। मृतक की हत्या की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मढ़ौरा अनुमंडल के डीएसपी नरेश पासवान अमनौर के थानाध्यक्ष और पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। हत्या की सूचना मिलते ही भ्रमणशील पुलिस टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई थी। पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल और अस्पताल परिसर का गहन निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि अस्पताल लाने वाले तीन अज्ञात युवकों की पहचान की जा सके। डीएसपी नरेश पासवान ने बताया कि हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। व्यवसायी सोनू की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच में जुटी हुई है। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन व्यक्तिगत रंजिश या व्यवसायिक विवाद को लेकर संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और स्थानीय लोग मृतक के दोस्त द्वारा हत्या करने की बात भी कह रहे हैं। लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं होती और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी।







