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प्रशांत किशोर का अशोक चौधरी को संदेश- ‘जनसुराज का गुलाम मत बनिए, इस्तीफा दीजिए’

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Prashant Kishor's message to Ashok Chaudhary: "Don't become a slave to Jansuraj, resign."

पटना: जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर और सीएम नीतीश के करीबी व बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के बीच सियासी जंग जारी है। मंत्री अशोक चौधरी के जनुसराज की गुलामी वाले बयान पर प्रशांत किशोर ने पलटवार किया है। पटना के जनसुराज कैंप में सोमवार को प्रशांत किशोर ने प्रेस कांफ्रेंस कर अशोक चौधरी पर बड़ा हमला बोला। कहा कि हम अशोक चौधरी की संपत्ति को लेकर जो कहा गया है, उस पर कायम हैं। उन्होंने 200 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है। पीके ने कहा कि अशोक चौधरी बताएं कि यह सब उनकी जमीन नहीं है। उनके नोटिस का जवाब दिए हैं। अब वो कह रहे हैं कि कानूनी रास्ता छोड़कर हमसे राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगे। लेकिन इससे बात नहीं बनेगी।

इनको सीधी चुनौती दे रहे हैं कि अगर 7 दिन में नोटिस वापस नहीं लिए और माफ़ी नहीं मांगे तो हमलोग इनके खिलाफ राज्यपाल से लेकर कोर्ट तक जायेंगे। आगे उनके 500 करोड़ की संपत्ति का डॉक्यूमेंट समेत खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी के विभाग में बीते आठ महीने में 20 हजार करोड़ से ज़्यादा का कांट्रैक्ट दिया गया है। हर कांट्रैक्ट में इन्होंने 5% कमीशन लिया है। इसके बाद जब भी विभाग का पैसा रिलीज होता है, तब 0.5% कमीशन लिया जाता है। यह वही पैसा है जो विभाग के इंजीनियर के पास आता है और जो रकम बीते दिनों एक इंजीनियर के घर पर जलाई गई थी। अगली प्रेस कांफ्रेंस में हम उनलोगों को भी बिठायेंगे जिन्होंने 5-5% कमीशन दिया है। पीके ने कहा कि हाल में ही अशोक चौधरी ने कैमरे पर कहा था कि अगर एक कठ्ठा भी जमीन निकल जाए तो मैं जन सुराज का गुलाम बन जाऊंगा। अब जब कागज़ात सामने आ गए हैं तो आप कह रहे हैं कि यह जमीन आपकी नहीं है।

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अगर यह आपकी जमीन है तो जन सुराज का गुलाम मत बनिए, बिहार की जनता का गुलाम बनने की तैयारी कीजिए और इस्तीफा दीजिए। अगर इस्तीफा नहीं देंगे तो हम राज्यपाल और कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी के विभाग में बीते आठ महीने में 20 हजार करोड़ से ज़्यादा का कांट्रैक्ट दिया गया है। हर कांट्रैक्ट में इन्होंने 5% कमीशन लिया है। इसके बाद जब भी विभाग का पैसा रिलीज होता है, तब 0.5% कमीशन लिया जाता है। यह वही पैसा है जो विभाग के इंजीनियर के पास आता है और जो रकम बीते दिनों एक इंजीनियर के घर पर जलाई गई थी। अगली प्रेस कांफ्रेंस में हम उनलोगों को भी बिठायेंगे जिन्होंने 5-5% कमीशन दिया है।

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि हमारा सीधा-सीधा इल्जाम मानव वैभव विकास ट्रस्ट पर है। इससे जुड़े जियालाल आर्या जी बतायें कि अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी की सायन कुणाल से सगाई के बाद ही न्यास के अकाउंट से 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति खरीदी गई है। यह रकम कहां से आई है? इस ट्रस्ट से बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की सास भी जुड़ी हैं। ये लोग स्वर्गीय किशोर कुणाल के नाम को दागदार न करें। जियालाल आर्या जी, किशोर कुणाल की पत्नी अनिता कुणाल और मुख्य सचिव की सासू मां को प्रेस कांफ्रेंस कर बताना चाहिए कि न्यास के पास 100 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति खरीदने का पैसा कहां से आया? उन्हें अपने अकाउंट डिटेल्स सार्वजनिक करना चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर प्रशांत किशोर को कोई आपत्ति है तो वे कोर्ट में शपथ पत्र देकर मामला दर्ज कराएं। मैं कोर्ट का ट्रायल करूंगा, मीडिया का नहीं। नया आरोप होगा, तो जवाब देने को तैयार हूं। अशोक चौधरी ने आगे कहा कि मैंने पोर्टल पर पहले ही जवाब दे दिया है। यदि कोई नया आरोप लगाया जाता है, तो उसका भी जवाब देने को तैयार हूं। अगर प्रशांत किशोर मेरे या मेरी पत्नी के नाम एक कट्ठा भी नाजायज जमीन साबित कर दें, तो मैं जनसुराज की गुलामी करूंगा।






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