
पश्चिम चंपारण: बार- बार मनाने और पंचायती कराने के बाद भी पत्नी के मायके से ससुराल आने से इन्कार के मानसिक दबाव के कारण रविवार की रात में नौ बजे के आसपास पंखे के छड़ में गमछा लगाकर हाटसरैया निवासी लक्ष्मण साह के पुत्र रामबाबू कुमार (30 वर्ष) ने आत्महात्या कर ली। एक हीं घर के दो अलग-अलग कमरों में दो भाइयों का परिवार रहता है।
बड़े भाई राजकुमार उसे बुलाने गया तो खिड़की से देखा कि रामबाबू पंखे से लटका हुआ है। उसके हल्ला करने पर गांव के लोग जुटे और पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजन को सौंप दिया गया है। मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। इसकी सूचना मृतक के स्वजन ने उसकी पत्नी को भी दी है। अभी तक आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर कांड दर्ज किया जाएगा। मृतक के पिता ने बताया कि रामबाबू की शादी सात वर्ष पूर्व नेपाल में हुई थी।
रामबाबू भांजा बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। तीन माह पूर्व दंपती के बीच विवाद हुआ था। उसके बाद रामबाबू की पत्नी मीरा देवी दोनों बच्चों को लेकर अपने मायके चली गई। पत्नी के मायके जाने के बाद वह तनाव में रह रहा था। एक सप्ताह पूर्व पत्नी को बुलाने के लिए नेपाल गया था। वहां पंचायती भी हुई थी। लेकिन उसकी पत्नी बच्चों को लेकर ससुराल आने को तैयार नहीं थी। जब से वह ससुराल से लौटा था, तब से काफी उदास रहता था और भांजा का कारोबार भी बंद कर दिया था। अचानक रविवार की शाम में करीब आठ बजे के आसपास घर आया और अपने कमरे में चला गया। एक घंटे बाद उसका शव पंखे से लटक रहा था।






