गांधीनगर: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने नई दिल्ली में विभिन्न राजदूतों और मिशन प्रमुखों के साथ संवाद बैठक में गुजरात के वैश्विक विकास की प्रभावी प्रस्तुति करते हुए कहा कि 69 लाख यूएस डॉलर के एफडीआई एवं निर्यात में 27 प्रतिशत योगदान के साथ गुजरात सुदृढ़ वैश्विक संपर्क रखने वाला राज्य बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशादर्शन में आयोजित होने वाली वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंसेज (वीजीआरसी) के पूर्वार्ध के रूप में नई दिल्ली में राज्य सरकार द्वारा आयोजित संवाद बैठक में लगभग 45 राष्ट्रों के राजदूत, उच्चायुक्त तथा प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस संवाद बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से 2003 में शुरू हुई वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) की उत्तरोत्तर सफलता के परिणामस्वरूप गुजरात ‘व्यापारी राज्य’ की इमेज से आगे बढ़कर अब न्यू एज इंडस्ट्री का हब बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने जोड़ा कि एआई, स्पेस टेक, फिनटेक, सेमीकंडक्टर, डिफेंस एंड एयरोस्पेस, ईवी तथा ग्रीन एनर्जी जैसे फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स के उद्योगों के केन्द्र के साथ गुजरात देश का पथ प्रदर्शक राज्य बना है। वीजीआरसी की पृष्ठभूमि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता को राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में विस्तृत करेगी, एमएसएमई को सशक्त बनाएगी तथा क्षेत्रीय रूप से संतुलित विकास को प्रोत्साहन देगी। उन्होंने राजदूतों तथा भागीदार देशों को वीजीआरसी थीम ‘क्षेत्रीय आकांक्षाएं, वैश्विक महत्वाकांक्षाएं’ के साथ अनुरूप एवं इन्क्लूजिव, इनोवेटिव व सस्टेनेबल इकोनॉमीज के निर्माण में गुजरात के साथ सहभागी होने और व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ आगामी रीजनल कॉन्फ्रेंसेज में भाग लेने के लिए राजदूत समुदाय को ऊष्मापूर्ण आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर विदेश मंत्रालय के आर्थिक संबंध प्रभाग के सचिव श्री सुधाकर दलेला ने कहा, ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंसेज वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता के बाद का महत्वपूर्ण कदम है और क्षेत्रीय क्षमताओं को दर्शाने, जमीनी स्तर के विकास को प्रोत्साहन देने तथा स्थानीय आकांक्षाओं को ‘विकसित भारत@2047’ तथा ’विकसित गुजरात@2047’ के व्यापक विजन से सुसंगत प्लेटफॉर्म के रूप में सेवा देंगी।’ इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव पंकज जोशी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एमके दास, उद्योग विभाग की प्रधान सचिव ममता वर्मा तथा विदेश मंत्रालय के के संयुक्त सचिव (आर्थिक कूटनीति) पीएस गंगाधर आदि ने भी प्रासंगिक संबोधन किया। इस संवाद बैठक में राजदूत, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ सचिव सहभागी हुए।







