पटना: बिहार में कांग्रेस के मंच से दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मां के लिए अपशब्द कहे जाने के मामले को लेकर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर 4 सितंबर को प्रदेश में बंद का एलान किया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी मोदी के बयान पर तंज कसते हुए कहा है कि “किसी की भी मां को अपशब्द नहीं बोलना चाहिए। हम इसके पक्षधर नहीं हैं, ये हमारे संस्कार में नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने तो विपक्ष के लोगों के लिए दर्जनों दफा अमर्यादित-घटिया भाषा का इस्तेमाल करते हुए भाषाई मर्यादाएं लांघीं हैं… 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड बोलने वाले मोदी जी हैं, सोनिया गांधी जी को इतनी भद्दी-भद्दी गालियां दी गई, नीतीश कुमार के DNA पर सवाल उठाए गए।
मुझे भाजपा विधायकों ने मां-बहनों की गालियां सदन में दी। भाजपा के प्रवक्ता कई बार महिलाओं का अपमान लाइव कैमरे पर करते हैं… प्रधानमंत्री इतने दिनों से विदेश में थे यहां आए तो उनको रोना आया विदेश में ठहाके लगा रहे थे।” बता दें कि बीते रोज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार राज्य जीविका निधि से जुड़े एक कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया था। इसमें उन्होंने स्वयं और उनकी मां के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्दों को लेकर भावुक करने वाली कही थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि पहली बार इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ‘‘मेरी दिवंगत मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, उनका दोष क्या है? उनके लिए अपशब्द क्यों कहे गए?’’
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद बिहार में सियासी तापमान बढ़ गया था। एनडीए ने जहां इस मुद्दे पर चार सितंबर को बिहार बंद की घोषणा की है। वहीं, विपक्ष ने भी पीएम के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के नेताओं, यहां तक कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम भी लिया। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में मेरे खिलाफ क्या कुछ नहीं बोला गया। बिहार की बेटी के खिलाफ अपशब्द कहे जाने पर बीजेपी या प्रधानमंत्री जी ने क्यों कुछ नहीं कहा? साथ ही कहा कि 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड बोलने वाले मोदी जी हैं, सोनिया गांधी जी को इतनी भद्दी-भद्दी गालियां दी गई, नीतीश कुमार के DNA पर सवाल उठाए गए। ऐसे कई मामले हैं। उन मामलों में क्या हुआ?







