
वैशाली: अरुणाचल प्रदेश में शहीद हुए वैशाली जिले के जवान कुंदन कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह उनके पैतृक गांव गौसपुर बरियारपुर पहुंचा। खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। फूलों से सजी गाड़ी में जब जवान का पार्थिव शरीर गांव लाया गया तो पूरा माहौल गमगीन हो उठा। पत्नी प्रियंका ने रोते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि 25 अगस्त को आएंगे, लेकिन वह आज ही आ गए, इस रूप में।
उनके करुण क्रंदन ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गांव में मातम छा गया और दूर-दराज से लोग भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे। गाजे-बाजे और देशभक्ति गीतों के साथ शवयात्रा निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। शहीद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारी की गई है। कुंदन कुमार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके दो पुत्र हैं, तीन साल का चीकू और सात माह का मासूम बेटा दिव्यांशु। पिता नंदकिशोर सिंह किसान हैं, जबकि मां रिंकू देवी की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
करीब पांच साल पहले कुंदन की शादी प्रियंका से हुई थी। पति के बलिदान ने उनकी खुशियां छीन लीं। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, मगर शोक की लहर पूरे गांव में छाई रही। कुंदन कुमार का बलिदान न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।






