
मुज्जफरपुर: मुजफ्फरपुर शहर में बुधवार सुबह हुई महज एक घंटे की बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। शहर का कोना-कोना पानी में डूब गया। यहां तक कि आला अधिकारियों के दफ्तर और समाहरणालय परिसर भी जलजमाव से अछूते नहीं रहे। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई बारिश के बाद स्टेशन रोड, धर्मशाला चौक, मोतीझील, जुरन छपरा, बनारस बैंक चौक, पक्की सराय रोड, ब्रह्मपुरा रोड, सिकंदरपुर रोड, बैंक रोड, इस्लामपुर समेत कई इलाकों में पानी भर गया।
समाहरणालय परिसर, डीएम कार्यालय, रजिस्ट्री ऑफिस रोड और डीटीओ कार्यालय रोड पर भी जलजमाव हो गया। प्रसिद्ध माता संतोषी मंदिर में भी पानी घुस गया, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर जमकर भड़ास निकाली। उनका कहना है कि हर साल जलजमाव से निजात दिलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। राजीव कुमार, जो बारिश के समय ड्यूटी पर जा रहे थे, उन्होंने बताया कि गाड़ी पानी में फंस गई और बंद हो गई।
यह हर साल की कहानी है। स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ कागजी काम हो रहा है। स्थानीय नागरिक विनोद शाह बोले कि मुजफ्फरपुर में बारिश हो और पानी न लगे, यह संभव नहीं। नगर निगम बस अपनी कमाई में लगा है, जनता की परेशानी से उसे कोई मतलब नहीं। धर्मशाला चौक पर घड़ी की दुकान चलाने वाले मोहम्मद कमालुद्दीन ने कहा कि पानी भरने से ग्राहक नहीं आ रहे हैं, कारोबार ठप है। यह समस्या हर साल होती है, अब तो उम्मीद भी खत्म हो गई है। लोगों का कहना है कि जलजमाव से सड़कों पर ऑटो और टोटो भी नहीं चल पा रहे हैं, जिससे कई लोग सिर पर बोझ ढोकर पैदल जाने को मजबूर हैं।






